घात लगाकर किए गए हमले में सैनिक मारे गए

  • 4 सितंबर 2011
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Image caption संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मार्च महीने के मध्य से शुरु हुए प्रदर्शनों में 2200 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

सीरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार हथियारबंद समूह के घात लगा कर किए गए हमले में नौ लोग मारे गए है जिसमें सेना के छह लोग शामिल हैं.

सरकारी समाचार एजेंसी सना का कहना है कि हमलावरों ने हमा शहर के पास खड़ी एक बस पर घात लगाकर हमला किया जिसमें छह सैनिक और तीन आम नागरिक मारे गए.

एजेंसी के मुताबिक इस हमले में 17 लोग घायल हो गए है. वहीं इस घटना के बाद हमलावरों और सुरक्षाबलों के बीच हुई गोलीबारी में तीन लड़ाकू मारे गए.

सीरिया ने देश में जारी अस्थिरता के लिए विदेशी समर्थित सेना को ज़िम्मेदार बताया है.

ह्युमन राइट्स वॉच के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षाबलों पर एक कार्यकर्ता को अगवा करने और उसे यातना देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगाया है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि लोकतंत्र की बहाली को लेकर मार्च महीने के मध्य से शुरु हुए प्रदर्शनों में अब तक 2200 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

एक ही तरीक़ा

कार्यकर्ताओं का कहना है शुक्रवार से लेकर अब तक देशभर में क़रीब तीस लोग मारे जा चुके हैं और इन घटनाओं हर हफ़्ते अब एक ही तरीक़ा देखा जा रहा है.शुक्रवार को नमाज़ के बाद ये लोग विरोध प्रदर्शन करते हैं और जिसके बाद गोलीबारी में ये लोग मारे जाते हैं.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि रविवार को सीरिया में सुरक्षाबलों ने उत्तरी-पश्चिमी प्रांत इदलीब में तीन लोगों को मार दिया है.

स्थानीय समन्वय समिति का कहना है,"सेना समर्थित सुरक्षाबलों ने ख़ान शेख़वान में घुसपैठ की और फिर गोलीबारी शुरु कर दी.इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई. "

सत्ता विरोधी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने वाले एक समूह का कहना है कि सुरक्षाबलों ने अस्पतालों को घेर लिया है ताकि घायल वहां न पहुँच पाए.

सीरिया में अंतराष्ट्रीय मीडिया के जाने पर पांबदी लगी हुई है ऐसे में किसी भी प्रत्यक्षदर्शी या कार्यरक्ता की बात को जाँच-परखने भी मुशिकल आ रही है.

यूरोपीय संघ ने सीरिया से तेल के आयात पर लगाया गया प्रतिबंध लागू हो गया है.

युरोपीय संघ में शामिल देशों की सरकारों ने शुक्रवार को ही सीरियाई सरकार के विरोध में हुए प्रदर्शनों को हिंसक रुप से दबाने के ख़िलाफ़ ये प्रतिबंध लगाने पर रज़ामंदी दी थी.

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