इतिहास के पन्नों से

  • 7 सितंबर 2011

इतिहास में 7 सितंबर की तारीख़ के नाम कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. आज ही के दिन लंदन पर जर्मनी ने भारी बमबारी की थी और अफ़्रीकी नेशनल कांग्रेस की रैली पर की गई गोलीबारी में 24 लोग मारे गए थे.

1940: लंदन पर जर्मन बमबारी

Image caption महीनों चली बमबारी के बावजूद लंदन के लोग डटे रहे

सात सितंबर 1940 को जर्मनी की वायुसेना ने लंदन पर भारी हवाई हमले किए थे जिसमें सैकड़ों नागरिक मारे गए थे और बड़ी संख्या में लोग ज़ख़्मी हो गए थे.

ब्रिटेन के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय का कहना था कि जर्मनी की तरफ़ से अब तक का ये सबसे बड़ा हमला था.

क़रीब तीन सौ लड़ाकू विमानों ने डेढ़ घंटे तक लंदन पर बमबारी की थी.

शुरुआती हमले घनी आबादी वाले ईस्ट एन्ड के बंदरगाह वाले इलाके में हुए थे जिससे पूरा इलाक़ा धू-धू कर जल उठा था.

इसके बाद रातभर बमबारी होती रही थी.

1992: एएनसी की रैली में 24 लोग मारे गए

Image caption भीड़ में जल्दी ही खलबली मच गई थी

सात सितंबर को ही 1992 में दक्षिण अफ़्रीका के सीमावर्ती शहर सिस्केई में अफ़्रीक़ी नेशनल कांग्रेस की रैली में प्रदर्शनकारियों पर की गई गोलीबारी में कम से कम 24 लोग मारे गए थे जबकि 150 ज़ख़्मी हो गए थे.

इस रैली में सिस्केई पर ब्रिगेडियर जोशुआ कावज़ो की सैनिक सत्ता को ख़त्म करने और इसे दक्षिण अफ़्रीका में मिलाने की मांग की जा रही थी.

एएनसी के महासचिव सिरिल रैंफोसा के नेतृत्व वाली इस रैली में 50,000 लोगों ने हिस्सा लिया था.

रैली किंग विलियम्स टाउन के एक स्टेडियम में शुरू हुई थी और सिस्केई की राजधानी बिशो की तरफ़ बढ़ रही थी.

जब प्रदर्शनकारियों ने सिस्केई की सीमा में धुसने की कोशिश की तो सैनिकों ने उनपर पांच मिनट तक अंधाधुंध फ़ायरिंग की.

हालांकि ब्रिगेडियर कावज़ो ने अपने बयान में कहा कि गोली पहले प्रदर्शनकारियों की तरफ़ से चलाई गई थी और बाद में बचाव के लिए उनके सैनिकों ने फ़ायरिंग की.

लेकिन एएनसी ने ब्रिगेडियर के इन दावों का खंडन किया था.

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