जैक्सन के डॉक्टर के ख़िलाफ़ चलेगा मुक़दमा

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Image caption माइकल जैक्सन का 25 जून 2009 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

अमरीका के पॉप स्टार माइकल जैक्सन के डॉक्टर पर दवाइयों में मिलाकर एनेस्थेटिक या बेहोश करने वाला पदार्थ दिए जाने के मामले पर लंबित सुनवाई के अब शुरु होने का रास्ता साफ़ हो गया है.

माइकल जैक्सन के डॉक्टर कॉनरैड मरे पर आरोप है कि उन्होंने माइकल जैक्सन को दवाइयों में मिलाकर एनेस्थेटिक या बेहोश करने वाला पदार्थ दिया जो घातक साबित हुआ और बाद में उन्होंने उनका ठीक से उपचार नहीं किया.

डॉक्टर मरे के वक़ील ने अदालत से अपनी अपील में कहा था कि इस मामले पर मीडिया की नज़र रहेगी और इसको अत्यधिक कवरेज भी मिलेगी , ऐसे में ये जूरी सदस्य ख़ुद को होटल के कमरे में बंद कर ले.

अदालत ने उनकी इस अपील को ख़ारिज कर दिया है.

आदेश

इससे पहले अमरीका की लॉस एजेंलेस की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान गायक माइकल जैक्सन के निजी डॉक्टर के ख़िलाफ़ ग़ैर इरादतन हत्या का मामला चलाया जाने का आदेश दिया था.

57 वर्षीय डॉक्टर मरे ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने जैक्सन को ऐसी कोई दवाई नहीं दी जो घातक साबित हो सकती थी.

डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने जैक्सन को प्रोपोफ़ोल दिया था ताकि वे सो सकें. जब जून 2009 में माइकल जैक्सन की मौत हुई थी तो डॉक्टर मरे उनके साथ थे.

लॉस एजेंलेस में छह दिनों तक चली सुनवाई में 20 से ज़्यादा लोगों ने गवाही थी जिसके बाद जज ने कहा है कि पर्याप्त सबूत मौजूद हैं जिस बिनाह पर ये कहा जा सकता है कि डॉक्टर मरे को कोर्ट में मुक़दमा लड़ना पड़ेगा.

किंग ऑफ़ पॉप कहे जाने वाले माइकल जैक्सन की 25 जून 2009 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

साँस रुकने की शिकायत के बाद पैरामेडिक्स टीम को उनके लॉस एंजेलेस स्थित घर पर बुलाया गया था. बाद में उन्हें हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया. लेकिन दो घंटे बाद डॉक्टरों ने उनकी मौत की घोषणा कर दी थी.

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