ई-मेल भेजने वाला संदिग्ध हिरासत में

  • 9 सितंबर 2011
दिल्ली बम विस्फोट इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption हाईकोर्ट के बाहर हुए विस्फोट के मामले में अभी ठोस सुराग नहीं मिले हैं.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बताया है कि दिल्ली हाईकोर्ट में हुए विस्फोट की ज़िम्मेदारी लेने के लिए पहला ई-मेल भेजने वाले संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

ये उन्हीं पाँच लोगों में शामिल है जिन्हें कल जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ शहर से हिरासत में लिया गया था.

चिदंबरम ने कहा है कि सरकार को "उत्साहित करने वाली जानकारियाँ" मिली हैं लेकिन ये जानकारियाँ ऐसी नहीं हैं जिनसे किसी नतीजे पर पहुँचा जा सके.

चिदंबरम ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि जो जानकारियाँ मिली हैं उन पर "दिन-रात" काम किया जा रहा है. उन्होंने दिन-रात शब्द पर ज़ोर देकर कहा कि इन जानकारियों के आधार पर विदेशी एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है.

गृहमंत्री ने दिल्ली हाईकोर्ट बम विस्फोट के लिए किसी भी संगठन को ज़िम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि जाँच पूरी होने तक इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता.

एक और ई-मेल

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Image caption चरमपंथी हमलों को न रोक पाने के लिए चिदंबरम दबाव में हैं.

इस विस्फोट में मरने वालों की संख्या अब तेरह तक पहुँच गई है और कुल मिलाकर 88 घायल हुए हैं. घायलों में से 40 को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है.

मौक़े से बरामद किए गए सबूतों के विश्लेषण से पता चला है कि विस्फोट में नाइट्रेट नामक रसायन का इस्तेमाल किया गया है.

चिदंबरम ने बताया कि आज एक और ई-मेल आया है जिसमें कोड के ज़रिए बताया गया है कि अगला निशाना अहमदाबाद होगा.

उनके अनुसार ये मेल बहुत गंभीर नहीं लगता लेकिन फिर भी इसे गंभीरता से लेते हुए गुजरात सरकार को सतर्क कर दिया गया है.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के इस आरोप को उन्होंने सिरे से ख़ारिज कर दिया कि सरकार चरमपंथी हमलों के मामलों को सुलझाने में नाकाम रही है.

अरुण जेटली ने छह ऐसे मामले गिनवाए थे जिनमें पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है.

पलटवार

चिदंबरम ने पलटवार करते हुए कहा, "कोई मेरे दोस्त को याद दिलाए कि इस देश में राज्य सरकारें हैं और उनमें से कुछ में उनकी पार्टी सरकार चलाती है."

संसद में कही अपनी बात को दोहराते हुए चिदंबरम ने कहा कि हम सिर्फ़ पड़ोसी देशों पर ही उंगली नहीं उठा सकते.

पी चिदंबरम ने कहा, "हम अब सिर्फ़ सीमा पार आतंकवाद को ही आतंक के एकमात्र स्रोत के तौर पर चिह्नित नहीं कर सकते. भारत में भी (आतंकवादियों के) मॉड्यूल मौजूद हैं."

उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना की जा रही है क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट में क्लोज़ सर्किट टीवी कैमरे नहीं लगाए गए.

इसके लिए उन्होंने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को सीधे-सीधे ज़िम्मेदार ठहराया.

गृहमंत्री ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे इसलिए नहीं लगाए जा सके क्योंकि सीपीडब्ल्यूडी फ़ैसले नहीं ले सकी.

उन्होंने बार-बार कहा कि मैं देशवासियों को यक़ीन दिलाना चाहता हूँ कि सरकार उनकी हिफ़ाज़त की पूरी कोशिश कर रही है.

पुलिस और अर्धसैनिक बलों का बचाव करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि औसत पुलिस वाला या सीआरपी का जवान काम के बोझ से कितना दबा रहता है.

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