गद्दाफ़ी के विरुद्ध 'रेड नोटिस'

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Image caption कर्नल गद्दाफ़ी के विरुद्ध रेड नोटिस जारी किया गया है

अंतरराष्ट्रीय जाँच एजेंसी इंटरपोल ने लीबिया के पूर्व नेता मुअम्मर गद्दाफ़ी और उनके बेटे सैफ़ अल-इस्लाम के लिए 'रेड नोटिस' जारी किया है.

इन दोनों के अलावा सेना के ख़ुफ़िया तंत्र के पूर्व निदेशक अब्दुल्ला अल-सेनुसी के लिए भी ये नोटिस जारी हुआ है.

वहीं ख़बरों के अनुसार गद्दाफ़ी की सेना के एक वरिष्ठ जनरल भागकर नीजेर चले गए हैं.

नीजेर के अगादेज़ नगर में अधिकारियों ने उस जनरल की पहचान जनरल अली काना के तौर पर की है.

पिछले दिनों में गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों के कई काफ़िले सीमा पार करके नीजेर पहुँचे हैं. गद्दाफ़ी के सुरक्षा प्रमुख रहे मंसूर दॉ पहले ही नीजेर की राजधानी नियामी पहुँच चुके हैं.

वहीं अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के अभियोक्ता लुईस मोरेनो-ओकैम्पो ने इंटरपोल से अपील की थी कि वह मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में उपरोक्त लीबियाई नागरिकों के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय नोटिस जारी करे.

रेड नोटिस

इसके बाद इंटरपोल ने गद्दाफ़ी सहित तीन लोगों के विरुद्ध 'रेड नोटिस' जारी किया.

'रेड नोटिस' अपने आप में किसी तरह का गिरफ़्तारी का वॉरंट नहीं है. इसके ज़रिए इंटरपोल अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की मदद करता है.

इसके ज़रिए इंटरपोल अपने 188 सदस्य देशों को ये भी चेतावनी देता है कि ये तीनों लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित हैं.

यानी अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की ओर से जो गिरफ़्तारी का वॉरंट जारी हुआ है ये नोटिस उसे एक तरह से समर्थन देता है.

इसके साथ ही ये नोटिस सभी सदस्य देशों को मुअम्मर गद्दाफ़ी, उनके बेटे और पूर्व ख़ुफ़िया प्रमुख को गिरफ़्तार करने का समर्थन भी करता है.

समर्पण की समय सीमा

इस बीच ऐसे गद्दाफ़ी समर्थक जो अब भी संघर्ष में लगे हैं उनके आत्मसमर्पण की समय सीमा शनिवार की है.

गद्दाफ़ी के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व कर रही राष्ट्रीय अंतरिम परिषद यानी एनटीसी बनी वलीद, जुफ़रा, सभा और कर्नल गद्दाफ़ी के जन्मस्थान सियर्त में मौजूद गद्दाफ़ी समर्थकों के साथ बने गतिरोध का शांतिपूर्ण हल ढूँढ़ने की कोशिश कर रही है.

पिछले ही हफ़्ते एनटीसी ने गद्दाफ़ी समर्थकों को चेतावनी दी थी कि वे शनिवार तक समर्पण कर दें.

बनी वलीद क्षेत्र में बीबीसी के रिचर्ड गाल्पिन का कहना है कि इस समय सीमा से पहले भी वहाँ संघर्ष की कुछ ताज़ी घटनाएँ भी हुई हैं. गद्दाफ़ी समर्थकों ने विरोधियों पर रॉकेट दाग़े हैं. साथ ही सियर्त क्षेत्र से भी संघर्ष की ख़बरें हैं.

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