ब्रिटेन: 24 लोगों की ग़ुलामी से रिहाई

ग़ुलामी ब्रिटेन
Image caption अधिकांशतर ग़ुलामों का तालुक्क़ पोलैंड या रोमानिया से था.

पुलिस ने दक्षिणी पूर्वी ब्रिटेन में 24 ऐसे लोगों को छुड़ाया है जिनसे ग़ुलामी कराई जा रही थी.

ये लोग एक ख़ानाबदोश गिरोह के क़ब्ज़े में थे और कुछ को पिछले 15 सालों से बंदी बनाकर रखा गया था.

छुड़वाए गए लोग निहायत ही मैली और तंग जगह में क़ैद थे और कुछ के शरीर पर उनके ही मल सूखकर चिपक गए थे.

उनमें से कई बुरी तरह से कुपाषित हैं. पुलिस का कहना है कि उनमें से ज़्यादातर पोलैंड और रोमानिया के हैं.

इनमें कई ब्रितानी नागरिक भी शामिल हैं. कभी-कभी विदेश भेजकर भी उन्हें काम करने के लिए मजबूर किया गया था.

बीबीसी संवाददाता जूली पीकॉक का कहना कि पुलिस ने इस सिलसिले में रविवार को पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है और तीन और की तलाश जारी है.

ये सभी लोग उस गिरोह के सदस्य हैं जिसने इन लोगों को बंदी बनाकर रखा था.

अमानवीय स्थिति

Image caption ग़ुलामों को बहुत ही दयनीय स्थिति में क़ैद करके रखा गया था.

अधिकारियों का कहना है कि बंदी बनाए गए लोगों को बहुत कम भोजन मिलता था और उन्हें काम के एवज़ में कोई पैसे नहीं दिए जाते थे.

मामले की छानबीन करनेवाले बेडफ़ोर्डशेर पुलिस के इंस्पेक्टर सीन ओ नील ने बताया, "इन लोगों से पहले कहा गया था कि अगर वो काम करेंगे तो उन्हें रोज़ाना 80 पाउंड और रहने की जगह दी जाएंगी. लेकिन वहां पहुंचने पर उनके बाल काट दिए गए और उन्हें ऐसे पिंजरों में रखा गया जिनमें कुत्तों को रखा जाता है.

इंस्पेक्टर नील ने कहा, "उन्हें किसी तरह के पैसे नहीं मिलते थे और बहुत कम भोजन दिया जाता था. उनसे कहा गया था कि अगर वो वहां से जाने की कोशिश करेंगे तो उनकी पिटाई होगी."

इसके बावजूद कुछ लोग वहां से भागने में कामयाब हो गए थे और उन्होंने पुलिस को अपनी व्यथा बताई थी.

इस तरह का सबसे पहला मामला साल 2008 में सामने आया था जिसके बाद पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू की थी.

छुड़वाए गए लोगों को निराश्रय लोगों के एक शिविर में रखा गया है जहां उनका इलाज हो रहा है.

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