कैसा है 9/11 स्मारक?

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11 सितबंर का दिन विश्व इतिहास का एक ऐसा पन्ना है जो जब भी पलटा जाता है ज़ख्म हरे कर देता है . ये एक ऐसा दिन था, जब पूरी दुनिया ने न्यूयार्क के टि्वन टॉवर को ध्वस्त होते देखा.

ये टॉवर न्यूयार्क के लिए ही नही पूरे अमरीका की शान माने जाते थे. इन टॉवरों के लिए कहा जाता था कि ये इंजीनियरिंग की दुनिया की मिसाल हैं और बेहद मज़बूत हैं.

इन टॉवरों के गिरने के बाद वहाँ इतना मलबा था कि इसे पूरी तरह साफ़ करने में महीनों लग गए.

इसी जगह को ग्राउड ज़ीरो कहा गया.

अब इसी जगह पर है 9/11 स्मारक. इस स्मारक को जनता के लिए 12 सितंबर को खोल दिया जाएगा.

जलाशय और उद्यान

Image caption जलाशय ठीक उसी जगह पर हैं, जहां कभी ट्विन टॉवर खड़े थे

ये स्मारक करीब 16 एकड़ इलाके में फैला हुआ है और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पुराने परिसर में बनाया गया है. स्मारक में एक-एक एकड़ के दो विशाल जलाशय बनाए गए हैं. ये जलाशय ठीक उसी जगह पर हैं, जहां कभी ट्विन टॉवर खड़े थे.

साथ ही झरना तैयार किया गया है. इसे उत्तर अमरीका का सबसे बड़ा मानव निर्मित झरना बताया जा रहा है .

यहां बनाए गए जलाशयों के किनारे पर कांस्य पट्टिका में उन सभी लोगों के नाम लिखे हुए हैं जो न्यूयार्क, पेनसिल्वेनिया और पेंटागन में हमलों का शिकार हुए थे.

साथ ही इस सूची में उन छह लोगों के नाम भी है जो 1993 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में मारे गये थे.

इस विशाल परिसर में उद्यान बनाया बनाया गया हैं.

इस स्मारक स्थल पर एक ऐसा पेड़ भी है. जिसे आतंकवादी हमलों के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से बचाकर लाया गया था. इसे पहले एक नर्सरी में रखा गया और इसे बाद में फिर से लगा दिया गया.

स्मारक के साथ ही ‘9/11 संग्रहालय’ बनाया जा रहा है. इसे 2012 में 9/11 की 11वीं बरसी पर खोला जाएगा.

इस स्मारक की डिजाइन क्या हो तय करने के लिए विश्व स्तर पर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था.

इसमें 63 देशों से 5200 लोगों ने भाग लिया. आखि़रकार वास्तुकार माइकल अराड तथा लैंडस्कैप आर्किटेक्ट पीटर वाकर की योजना को पसंद किया गया.

न्यू यॉर्क के मेयर ने नागरिकों से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नए स्थल को 'ग्राउंड ज़ीरो' न कह कर '9/11 स्मारक' कहने का अनुरोध किया है. उनका कहना है कि इस परिसर को अब 'वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और राष्ट्रीय 11 सितंबर स्मारक तथा संग्रहालय' कहा जाए.

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