उदारवादी इस्लाम के ज़रिए राष्ट्र निर्माण: जलील

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Image caption लीबिया के शहीद चौक पर जलील ने पहली बार लोगों को संबोधित किया

लीबिया में राष्ट्रीय अंतरिम परिषद के प्रमुख मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने कहा है कि ‘उदारवादी इस्लाम’ के ज़रिए राष्ट्र-निर्माण होगा.

मुअम्मर गद्दाफ़ी के तख़्तापलट के बाद जलील ने राजधानी लीबिया में अपना पहला भाषण दिया है.

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आधुनिक लोकतांत्रिक लीबिया का निर्माण उदारवादी इस्लाम के आधार पर होगा. उनका यह भाषण त्रिपोली के मुख्य चौराहे पर हज़ारों समर्थकों के बीच था.

इस चौराहे का नाम अब शहीद चौक रखा गया है. हालांकि उनके भाषण से पहले कर्नल गद्दाफ़ी ने टीवी संदेश में कहा कि वो ‘जीत मिलने तक’ संघर्ष करते रहेंगे.

अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि गद्दाफ़ी ने कहां शरण ली है या वो कहां छुपे हुए हैं.

गद्दाफ़ी के समर्थक माने जाने वाले एक टीवी स्टेशन पर प्रस्तुतकर्ता ने गद्दाफी की तरफ से एक बयान पढ़ा जिसमें कहा गया है, ‘‘ हमारे लिए अब बस संघर्ष का रास्ता बचा है और हम जीत मिलने तक संघर्ष करेंगे. तख़्तापलट करने वालों को हराएंगे.’’

अंतरिम प्रशासन ने लीबिया में दस दिनों के अंदर अंतरिम सरकार बनाने का वादा किया था लेकिन अभी भी देश में स्थायित्व को लेकर बड़ी चुनौतियां हैं.

लीबिया के अधिकतर हिस्सों पर अब विद्रोही सेनाओं का नियंत्रण है लेकिन सिरते और बानी वाज़िद शहरों में अभी भी गद्दाफी समर्थक का कब्ज़ा बना हुआ है.

इन दोनों शहरों में ज़बर्दस्त लड़ाई चल रही है.

इस बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अंतरिम प्रशासन से अपील की है कि वो ऐसे क़दम उठाएं जिससे विद्रोही सेनाएं मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं को अंज़ाम न दें.

जलील का भाषण सुनने शहीद चौक पर दस हज़ार से अधिक लोग जमा हुए थे. जलील ने अपने भाषण में लोगों से कहा कि वो बदले की कार्रवाई न करें. उन्होंने साफ कहा कि नया प्रशासन किसी भी तरह की चरमपंथी विचारधारा को शह नहीं देगा.

उनका कहना था, ‘‘हम एक मुसलिम राष्ट्र हैं लेकिन उदारवादी इस्लाम के पक्षधर हैं. हम इसे मानेंगे. आप हमारे साथ हैं हमारा समर्थन करते हैं. आप हमारे हथियार हैं और जो कोई भी हमारी क्रांति का अपहरण करने की कोशिश करेगा हम उसका सामना करेंगे.’’

कर्नल गद्दाफ़ी के कैबिनेट में न्याय मंत्री रहे जलील ने कहा कि नए लीबिया में महिलाओं की बड़ी भागेदारी होगी. उन्होंने अपने भाषण में ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देशों का धन्यवाद किया. इन देशों ने अंतरिम प्रशासन की बहुत मदद की थी.

जलील ने साफ किया कि देश में शरिया के ज़रिए क़ानून बनाए जाएंगे. जलील का भाषण टेलीविज़न पर लाइव प्रसारित हुआ और लोगों ने जम कर उनका समर्थन किया.

इन भाषणों के बावजूद अभी भी लीबिया में नई सरकार के गठन को लेकर समस्याएं बरकरार हैं.

कर्नल गद्दाफी के शासनकाल के दौरान जनरल रहे कई अधिकारी पड़ोसी देश नीज़ेर पहुंच गए हैं. नीज़ेर के प्रधानमंत्री ब्रिगी राफिनी ने बताया कि तीन वरिष्ठ अधिकारी समेत 32 लोग उनके देश में पहुंचे हैं.

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