'बदले की कार्रवाई कर सकते हैं गद्दाफ़ी'

  • 15 सितंबर 2011
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Image caption मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ट्रिपोली के मेतीगा हवाई अड्डे पर

लीबिया की राष्ट्रीय अंतरिम परिषद के प्रमुख ने हथियार दिए जाने की अपील की है जबकि परिषद के सैनिक देश के उन हिस्सों को पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं जो अभी भी कर्नल ग़द्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों के कब्ज़े में हैं.

मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने बीबीसी को बताया कि ग़द्दाफ़ी दक्षिणी लीबिया में हैं और बदला लेने की योजना बना रहे हैं.

कर्नल ग़द्दाफ़ी की तरफ़ से एक लिखित वकतव्य में संयुक्त राष्ट्र संघ से अपील की गई है कि वह उनके जन्म स्थान सियर्त के ख़िलाफ़ ‘अपराधों’ को समाप्त करे.

इस बीच फ़्राँस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी गुरुवार को त्रिपोली जा रहे हैं. अब्दुल जलील का कहना था, ‘हम गुरुवार को आने वाले नेताओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि वह सुरक्षित रहेंगें.’ उन्होंने यह नहीं स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति सारकोज़ी के साथ और कौन नेता वहाँ जा रहे हैं.

इससे पहले अमरीका ने कहा था कि वह इस बात से प्रोत्साहित हुआ है कि परिषद के सैनिकों का देश के अधिकतर हिस्सों पर नियंत्रण बढ़ता जा रहा है.

ग़द्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों का अभी भी चार इलाकों, भूमध्य सागर के तट से लगे सियर्त, बनी वालिद, राजगानी त्रिपोली के दक्षिण पूर्व इलाके, जुफ़रा और सभा पर नियंत्रण है.

ज़बरदस्त लड़ाई की संभावना

अब्दुल जलील का कहना था कि बहुत से ग़द्दाफ़ी समर्थक सैनिक दक्षिणी रेगिस्तान में सभा की तरफ़ भाग गए हैं.

उनके अनुसार ‘ सभा में ज़बरदस्त लड़ाई होने की संभावना है. इन इलाकों पर पुन: कब्ज़ा करने के लिए हमें ओर उपकरणों की ज़रूरत है.

उनका यह भी कहना था कि कर्नल ग़द्दाफ़ी के कब्ज़े में सारा सोना चला गया है और वह शहरों, तेल भंडारों और बिजली संयंत्रों पर हमला करने की योजना बना सकते हैं.

कर्नल ग़द्दाफ़ी पहले कह चुके हैं कि वह भागने से बेहतर मरना पसंद करेंगे. पिछले महीने त्रिपोली में परिषद के बलों के पहुँचने के बाद से कर्नल ग़द्दाफ़ी के क़रीबी लोगों में से कम से कम 36 लोग जिनमे उनके रिश्तेदार और जनरल शामिल हैं, भाग कर पड़ोसी देश अल्जीरिया और नीजेर पहुँचे हैं.

ट्यूनीशिया,मिस्र,सूडान और चाड जाने वाली अधिकतर सड़कों पर ग़द्दाफ़ी विरोधी बलों का नियंत्रण हो जाने के बाद ग़द्दाफ़ी समर्थक अब बाहर निकलने के लिए नीजेर के रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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