सीरिया: विरोधी संगठनों ने बनाई 'राष्ट्रीय परिषद'

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सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे विद्रोहियों और विपक्षी दलों ने कहा है कि उनके बीच सरकार के विरोध में 'सीरियाई राष्ट्रीय परिषद' बनाने को लेकर सहमति बन गई है.

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों को छह महीने से ज़्यादा समय हो चुका है और ऐसे में समय में विरोध को संगठित रखने के लिए इस तरह की घोषणा की गई है.

इससे पहले भी एक संगठित विपक्षी दल बनाने की पेशकश की गई थी लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई क्योंकि देश के कुच्छेक विरोधी संगठनों की ओर से कहा गया कि संबंध में उनसे राय नहीं ली गई है.

इस्तांबुल में मौजूद बीबीसी संवाददता जोनाथन हैड के मुताबिक परिषद की बुनियाद रखने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सरकार के विरोधियों से जुड़े सभी संगठनों, राजनीतिक दलों और लोगों के बारे में पड़ताल कर 700 लोगों की एक सूची बनाई और इस आधार पर परिषद के लिए 140 सदस्यों का चुनाव किया.

इस परिषद में शामिल लगभग आधे लोग सीरिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल समूहों से हैं.

राष्ट्रीय परिषद के प्रवक्ता ने कहा कि इन लोगों के सहयोग के बिना यह संगठन प्रामाणिक और विश्वसनीय नहीं हो सकता था और उन्हें उम्मीद है ये लोग अपनी सरकारात्मक भूमिका निभाएंगे.

यह परिषद छोटे-छोटे समूहों के रुप में लीबिया में बनी राष्ट्रीय अंतरिम परिषद की तर्ज पर अन्य देशों के साथ संपर्क स्थापित करने और उनसे समर्थन पाने के लिए काम करेगी.

लेकिन सीरियाई प्रदर्शनकारियों के सामने कई चुनौतियां हैं. सीरिया में अब भी राष्ट्रपति बशर अल-असद का शासन है और नव गठित राष्ट्रीय परिषद में शुरुआत से ही कई विषयों पर मतभेद है.

जहां एक ओर परिषद के कुछ धड़े हथियार उठाने के पक्ष में हैं और राष्ट्रपति बशर अल-असद का सामना करना चाहते हैं वहीं परिषद ने अपनी रुपरेखा और कार्य-प्रणाली के लिए अहिंसा को मूल सिद्धांत के रुप में चुना है.

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