'अलग राष्ट्र के लिए आवेदन न करें फ़लस्तीनी'

अमरीका ने इसके लिए कोशिशें तेज़ कर दी हैं कि फ़लस्तीनी एक राष्ट्र के रूप में संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता के लिए आवेदन न करें.

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक अगले सप्ताह होने वाली है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन ने सैन फ़्रांसिस्को में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि फ़लस्तीनियों के मामले से जुड़े पक्षों का मानना है कि बातचीत ही इसका एकमात्र रास्ता है.

इससे पहले बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत सुज़ैन राइस ने कहा था कि एक राष्ट्र के रूप में मान्यता हासिल करने का एकतरफ़ा प्रयास शांति वार्ता के लिए नुक़सानदेह हो सकता है.

असर

संयुक्त राष्ट्र स्थित बीबीसी संवाददाता का मानना है कि अमरीका उस स्थिति को टालना चाहता है, जिसमें उसे फ़लस्तीनियों की इस कोशिश को वीटो करना पड़े.

उसे आशंका है कि अगर ऐसी नौबत आई, तो मुस्लिम जगत के साथ उसके रिश्तों पर असर पड़ सकता है.

अमरीका बातचीत के माध्यम से फ़लस्तीन को एक अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के पक्ष में है. लेकिन एक साल पहले इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच बातचीत टूट गई थी.

इसराइल भी अलग राष्ट्र के रूप में संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता हासिल करने की फ़लस्तीनियों की कोशिश का विरोध कर रहा है.

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