आख़िरी क्षण में मृत्युदंड पर रोक

  • 16 सितंबर 2011
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Image caption डुएन बक को मौत की सज़ा सुनाई गई है

अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने आख़िरी क्षण में एक काले व्यक्ति की मौत की सज़ा पर रोक लगा दी है. डुएन बक ने अपनी गर्ल फ़्रेंड और उनके पुरुष मित्र की हत्या कर दी थी.

गुरुवार को उन्हें ज़हरीली सुई देकर मृत्युदंड दिया जाना था. लेकिन आख़िरी क्षण में सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी.

डुएन बक के वकीलों ने अदालत में यह तर्क दिया कि उनके नस्ल के आधार पर पक्षपात हुआ और सज़ा देने में भी इसका असर देखा गया.

जून 1995 में डुएन बक ने अपनी पूर्व गर्ल फ़्रेंड को ह्यूस्टन में उनके अपार्टमेंट के बाहर मार दिया था. इसके पहले बक ने उनके पुरुष मित्र को भी गोली मार दी थी.

अपील

बक के वकीलों ने उनकी सज़ा के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. उनके वकीलों ने यह तर्क दिया कि इस मामले में एक मनोवैज्ञानिक के बयान ने सज़ा दिए जाने को प्रभावित किया.

इस मनोवैज्ञानिक ने तर्क दिया था कि ज़्यादातर काले लोग सार्वजनिक तौर पर ख़तरा पैदा कर सकते हैं. बक के वकीलों का कहना था कि मनोवैज्ञानिक के इस तर्क ने शायद सज़ा को प्रभावित किया.

पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद डुएन बक ने भगवान का शुक्रिया अदा किया.

लेकिन वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता मार्कस जॉर्ज का कहना है कि बक की अपील ठुकराई भी जा सकती है और उन्हें फिर मौत की सज़ा हो सकती है.

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