'अल-क़ायदा के निशाने पर अफ़्रीक़ी तेल कंपनियां'

  • 17 सितंबर 2011
तेल कंपनियां (फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption अफ़्रीक़ी तेल कंपनियां अल-क़ायदा के निशाने पर हैं.

अमरीका ने उत्तरी अफ़्रीक़ा में तेल कंपनियों को चेतावनी दी है कि चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा उन पर हमले कर सकता है.

अमरीका की तरफ़ ये चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वो लीबिया में सत्ता हासिल करने वाले विद्रोहियों को कर्नल गद्दाफ़ी के सैनिकों के ज़रिए छोड़े गए हथियारों को खोजने में मदद कर रहा है.

वाशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता किम घटस के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अलजीरिया में अमरीकी दूतावास को इस ख़तरे की सूचना मिली थी और उन्होंने फ़ौरन उन लोगों को इसकी जानकारी दे दी जिनपर हमले होने का ख़तरा है.

अमरीका ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि उन्हें ये ख़ुफ़िया जानकारी कहां से मिली है लेकिन इतना कहा कि अल-क़ायदा के खिलाफ़ लड़ाई में अलजीरिया हमेशा से अमरीका का एक मज़बूत सहयोगी रहा है.

अलजीरिया के एक अख़बार अल-ख़बर में इसी सप्ताह छपी एक ख़बर के मुताबिक़ अफ़्रीक़ी देशों में स्थित कई अमरीकी दूतावासों को इलेक्ट्रोनिक संदेश मिले थे जिसमें इस बात की चेतावनी दी गई थी कि पश्चिमी अफ़्रीक़ा में सक्रिय अल-क़ायदा का एक गुट उत्तरी अफ़्रीक़ा में काम कर रहीं विदेशी तेल कंपनियों पर मिसाइल से हमले की तैयारी कर रहा है.

इससे पहले इसी महीने की शुरूआत में यूरोपीय संघ के आतंकवाद निरोधक संयोजक ने भी चेतावनी दी थी कि अल-क़ायदा ने लीबिया में कई हथियार हासिल किए हैं जिनमें ज़मीन से हवा में मार करने वाले मिसाइल भी शामिल हैं.

उनके मुताबिक़ ये मिसाइल किसी भी विमान को मार गिराने में सक्षम हैं.

अमरीका लीबिया में अतिरिक्त हथियार विशेषज्ञों को भेज रहा है.

ये विशेषज्ञ लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के हथियारों के ज़ख़ीरे को खोजने और उन्हें नष्ट करने में राष्ट्रीय अस्थाई परिषद की मदद करेंगें.

उन हथियारों में कंधों पर रखकर चलाए जाने वाले लगभग 20 हज़ार मिसाइल भी शामिल हैं.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार