इतिहास के पन्नों में - 20 सितंबर

  • 20 सितंबर 2011

इतिहास के पन्ने पलटें तो 20 सितंबर का दिन कई वजहों से याद किया जाएगा. 20 सितंबर 1984 को लेबनान की राजधानी बेरूत में एक आत्मघाती हमलावर ने अमरीका के दूतावास पर हमला किया जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई. 20 सितंबर 1970 को रूस की अन्तरिक्ष प्रोब, लूना 16, चांद पर पहुंची और उसकी सतह से कुछ चट्टानें एकत्रित कीं.

1984: आत्मघाती हमले में 20 की मौत

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Image caption अमरीका की विदेश नीतियों की वजह से कई देशों में चरमपंथियों ने उनके दूतावासों को अपना निशाना बनाया है.

20 सितंबर 1984 को एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से भरे ट्रक से लेबनान की राजधानी बेरूत में स्थित अमरीकी दूतावास पर हमला किया था.

'इस्लामिक जिहाद' नाम के चरमपंथी गुट का सदस्य ये हमलावर तेज़ गति से ट्रक चलाते हुए दूतावास में दाख़िल हो गया.

दूतावास में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने ट्रक पर गोलियां चलाईं लेकिन ट्रक उनके सामने ही फट गया.

घायलों में अमरीकी राजदूत रेजिनाल्ड बार्थोलोम्यू भी शामिल थे जिन्हें मलबे में से निकालना पड़ा.

बताया जाता है कि हमलावर ने दूतावास की अन्य गाड़ियों की ही तरह ट्रक पर कूटनीतिक नंबर प्लेट लगवाए थे जिस वजह से उसे दूतावास के अंदर दाख़िल होने से नहीं रोका गया.

बेरूत में अमरीकी दूतावास उस व़क्त डेढ़ महीने पहले ही खोला गया था.

इससे पहले अप्रैल 1983 में अमरीकी दूतावास पर हमला हुआ था जिसमें 61 लोग मारे गए थे.

1970: रूसी प्रोब ने चांद से चट्टानें इकट्ठा कीं

Image caption लूना-16 रूस का पहला मानवरहित प्रोब था जो चांद से पृथ्वी कुछ चट्टानें वापस लाया.

रूस की अन्तरिक्ष प्रोब, लूना-16, 20 सितंबर 1970 को चांद पर पहुंची और उसकी सतह से कुछ चट्टानें एकत्रित कीं.

ये पहली बार था कि एक मानवरहित प्रोब का इस्तेमाल अंतरिक्ष से भारत चट्टानें लाने के लिए किया गया हो.

प्रोब चांद के फर्टिलिटी समुद्र के किनारे उतरा था. ये एक ऐसा इलाका था जहां उस व़क्त तक कोई खोज नहीं की गई थी.

प्रोब ने एक इलेक्ट्रिक ड्रिल की मदद से चट्टानों और मिट्टी के सैम्पल बटोरे. ये ड्रिल रोबोट-नुमा थी और इसके हाथ जैसे यंत्र से सतह के ऊपरी हिस्से से ये सैम्पल काटे गए.

इस रोबोट में ड्रिल करने की मशीन के अलावा एक टीवी कैमरा भी लगा था.

लूना-16, सो ग्राम चट्टानें और मिट्टी लेकर, 24 सितंबर 1970 को वापस पृथ्वी लौटी.

इस प्रोब ने चांद पर एक प्रयोगात्मक स्टेशन छोड़ दिया जिससे लंबे समय तक जानकारी पृथ्वी पहुंचती रही.

इसके बाद नवंबर 1970 में रूस ने लूना-17 प्रोब चांद भेजी. इस प्रोब ने एक हफ़्ते तक चांद के इर्द-गिर्द चक्कर लगाया और सैम्पल बटोरे.

ये पहली ऐसी प्रोब थी जिसमें रोवर कहलाने वाला आधुनिक रोबोट भेजा गया था. रोवर अंतरिक्ष में मौजूद ख़गोलीय पिंडों की सतह पर चलने की क्षमता रखनेवाला रोबोट होता है.

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