सालेह की वापसी और हिंसा शुरु

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Image caption यमन में सालेह के समर्थक और विरोधियों के बीच संघर्ष जारी है.

यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह की वापसी के साथ ही देश में विस्फोट और गोलाबारी होने लगी है जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए हैं.

राजधानी सना के उत्तर में राष्ट्रपति के वफादार सैनिकों और विरोधियों के बीच संघर्ष हुआ है.

राष्ट्रपति सालेह जानलेवा हमले के बाद सऊदी अरब में स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे और अब वो तीन महीने के बाद यमन वापस लौट गए हैं.

राष्ट्रपति कार्यालय ने संघर्षविराम की अपील की है ताकि हिंसा रुक सके. इस हफ्ते यमन में हुई हिंसा में अब तक 100 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें से अधिकतर सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी हैं.

राजधानी सान के हसाबा इलाक़े में शुक्रवार को हुई झड़पों में 40 लोग घायल हुए हैं.

राष्ट्रपति सालेह पिछले 30 वर्षों से सत्ता में हैं और पिछले कई महीनों से लोग उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

सना के एक चौराहे पर कार्यकर्ता जनवरी महीने से जमा होकर लगातार राष्ट्रपति का विरोध कर रहे हैं और इस चौराहे को बदलाव चौराहा नाम दिया गया है.

राजधानी सना में राष्ट्रपति सालेह के पुत्र अहमद के नेतृत्व में सरकारी सैनिकों ने सरकार विरोधी सैनिकों के साथ ज़बर्दस्त संघर्ष किया है.

यमन में सेना की कुछ टुकड़ियां सरकार से अलग हो गई हैं और विद्रोहियों का साथ दे रही हैं.

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार राष्ट्रपति निजी विमान से यमन पहुंचे और उन्होंने युद्धविराम की अपील करते हुए कहा कि बातचीत और वार्ताओं का कोई विकल्प नहीं है और इसी के ज़रिए खून खराबा बंद हो सकेगा.

हालांकि संवाददाताओं का कहना है कि सालेह के यमन आने से गृह युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

बताया जाता है कि यमन में मौजूद अमरीकी अधिकारी सालेह की वापसी से अचंभे में हैं और उन्होंने सालेह से सत्ता हस्तांतरित करने की अपील भी की है ताकि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराए जा सकें.

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