इतिहास के पन्नों में- 25 सितंबर

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो आज ही के दिन वर्ष 1983 में उत्तरी आयरलैंड में एक बेहद सुरक्षित माने जाने जेल से 38 कैदी भाग गए थे. उधऱ अफ़गानिस्तान में आज ही के दिन तालेबान लड़ाके राजधानी काबुल के बेहद नज़दीक तक पहुँच गए थे और दो दिनों के बाद उन्होंने काबुल पर कब्ज़ा कर लिया.

1983:जेल से कैदी भागे

Image caption उत्तरी आयरलैंड में आज ही के दिन एक उच्च सुरक्षा वाली जेल मेज़ में से 38 कैदी भाग निकले

उत्तरी आयरलैंड में आज ही के दिन एक उच्च सुरक्षा वाली जेल मेज़ में से 38 कैदी भाग निकले. इस योजना को डर्मट फ़िनुकेन नाम के व्यक्ति ने अंजाम दिया था.

जेल तोड़ कर भाग निकलने के बाद 19 कैदियों को वापस गिरफ़्तार कर लिया गया लेकिन बाकी बच कर भाग निकले.

वर्ष 1992 में पाँच और कैदियों को पकड़ लिया गया, जबकि घात लगाकर किए गए हमले में तीन कैदियों को मार दिया गया.

कुछ लोग जो कई प्रयासों के बावजूद नहीं पकड़े जा सके, उन्हें दोबारा कभी नहीं पकड़ा जा पाया. बाकियों को उत्तरी आयरैंड शांति समझौते के अंतर्गत माफ़ी दे दी गई.

मेज़ जेल को गुड फ़्राईड समझौते के अंतर्गत बंद कर दिया गया और कैदियों को सितंबर 2000 में दूसरी जेलों में भेज दिया गया.

1996: तालेबान काबुल की ओर

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Image caption तालेबान ने अफ़गानिस्तान पर शरिया कानून लागू कर दिया था.

आज ही के दिन तालेबान लड़ाके काबुल के बेहद नज़दीक तक पहुँच गए थे. दो दिनों बाद उन्होंने काबुल पर कब्ज़ा कर लिया और अफ़गानिस्तान को इस्लामिक देश घोषित कर दिया.

उन्होंने अफ़गानिस्तान पर शरिया कानून लागू कर दिया जिसके अंदर अंगो को काटने और दोषियों को पत्थरों से मारने का प्रावधान है.

अफ़गानिस्तान पर मुल्ला उमर की पकड़ 9/11 के बाद खत्म हुई जब विपक्षी उत्तरी गठबंधन की सेना ने अमरीका की मदद से काबुल की ओर कूच किया.

2003: हटन जाँच की आखिरी दलील

आज ही के दिन हथियारों के जानकार डॉक्टर डेविड केली की मौत की जाँच के आखिरी बहस चल रही थी.

इस मामले पर लॉर्ड हटन ने 18 जनवरी 2005 में एक रिपोर्ट छापी.

अपनी इस रिपोर्ट में बीबीसी गवर्नरों की तीखी आलोचना की थी. इस रिपोर्ट में बीबीसी गवर्नरों पर डॉउनिंग स्ट्रीट की शिकायतों की जाँच नहीं करने के आरोप लगाए गए थे.

इस वजह से बीबीसी चेयरमैन गैविन डेविज़, बीबीसी डॉयरेक्टर जनरल ग्रेग डाईक और रिपोर्टर एंड्र्यू गिलिगन को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

लॉर्ड हटन ने सरकार को डॉक्टर केली का नाम प्रेस को लीक करने से दोषमुक्त कर दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय की गलती है कि उसने डॉक्टर केली को नहीं बताया कि पत्रकारों से इस बात की पुष्टि कर दी जाएगी कि वो ही संदिग्ध सूत्र थे.

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