रूस: भूमिकाओं की अदला-बदली को तैयार

Image caption प्रधानमंत्री पुतिन और वर्तमान राष्ट्रपति मेदवेदेव ने एक दूसरे को भूमिकाएं बदलने के लिए समर्थन दिया.

रूस के प्रधानमंत्री पुतिन ने कहा है कि उन्होंने देश में 2012 में होने वाले राष्ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी के रूप में खड़े होने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है.

यूनाईटेड रूस पार्टी के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री पुतिन और वर्तमान राष्ट्रपति मेदवेदेव ने एक दूसरे को भूमिकाएं बदलने के लिए समर्थन दिया.

सहमति के तहत उनके पार्टी सहयोगी और वर्तमान राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव आगामी चुनाव में प्रधानमंत्री के लिए खड़े होंगे.

राष्ट्रपति मेदवेदेव ने कहा कि देश के मौजूदा प्रधानमंत्री पुतिन को 2012 में होना वाला राष्ट्रपति चुनाव लड़ना चाहिए.

मेदवेदेव की इस घोषणा के बाद अब उन अटकलों पर विराम लग गया है कि 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह उपयुक्त होगा कि सम्मेलन रूसी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए व्लादिमीर पुतिन के नाम को मंजूरी प्रदान करे.’’

मेदवेदेव की घोषणा का पार्टी सदस्यों एवं नेताओं ने अपने स्थानों पर खड़े होकर स्वागत किया.

भूमिकाओं की अदला-बदली

राष्ट्रपति मेदवेदेव के सुझाव पर पुतिन ने कहा कि वो उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए उनका समर्थन किया.

पुतिन ने ये भी संकेत दिया कि मेदवेदेव 4 दिसंबर को होने वाले दूमा (रूसी संसद के निचले सदन) चुनाव में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया का नेतृत्व करने के बाद देश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं.

इससे पहले पार्टी के वार्षिक सम्मेलन में पुतिन ने कहा था कि दिसंबर में होने वाले संसदीय चुनाव के लिए मेदवेदव को पार्टी के उम्मीद्वारों की सूची का नेतृ्त्व करना चाहिए.

उस समय मेदवेदेव ने पार्टी के सदस्यों से कहा था कि चूंकि पार्टी के काम की ज़िम्मेदारी उनपर है इसलिए बेहतर यही होगा कि पार्टी राष्ट्रपति चुनाव के लिए पुतिन का समर्थन करे.

पुतिन ने बताया कि उन दोनों के बीच काफी साल पहले ही ये समझौता हुआ था कि कौन सा व्यक्ति कौन से पद पर होना चाहिए.

रुस की राजनीति में युनाईटेड रूस पार्टी का वर्चस्व है लिहाज़ा राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि अब पुतिन का राष्ट्रपति बनना लगभग तय है.

संविधान संशोधन

इससे पहले पुतिन लगातार दो बार राष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा करने के बाद 2008 में पद से हट गये थे, क्योंकि संविधान के प्रावधानों के तहत वो तीसरी बार राष्ट्रपति नही बन सकते थे.. पर अब संविधान के नये संशोधनों के बाद पुतिन फिर से राष्ट्रपति पद पर काबिज़ हो सकते हैं.

मेदवेदेव ने संविधान में संशोधन कर राष्ट्रपति का कार्यकाल बढ़ाकर छह वर्ष और दूमा का कार्यकाल बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया है. इसका मतलब है कि पुतिन 2024 तक राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल सकते हैं.

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