इतिहास के पन्नों में 27 सितंबर

साल 1996 में सितंबर 27 ही के दिन काबुल पर तालेबान का कब्ज़ा हुआ था. साल 1988 में इसी दिन 100 मीटर दौड़ में विश्व कीर्तिमान बनाने वाले बेन जॉनसन से स्वर्ण पदक छीनने की घोषणा की गई.

1996 : तालेबान ने किया काबुल फ़तह

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Image caption तालेबान ने अफ़गानिस्तान पर नवंबर 2001 तक राज्य किया.

तीन दिनों की भीषण लड़ाई के बाद तालेबान लड़ाकों ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्ज़ा कर लिया. काबुल में लड़ाई का आखिरी मोर्चा राष्ट्रपति निवास था जहाँ क़रीब 24 घंटों तक लड़ाई चली.

तालेबान ने देश के निकाले गए पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी, उनके प्रधानमंत्री और सेनाध्यक्ष को "राष्ट्रिय अपराधी" घोषित कर दिया.

देश के एक दूसरे पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नजीबुल्लाह की हत्या चरमपंथियों ने पहले ही कर दी थी. साल 1992 में साम्यवाद विरोधियों ने मोहम्मद नजीबुल्लाह को संयुक्त राष्ट्र के दफ्त्तर से निकाला और सरे आम उन्हें गोली मारकर एक खंबे से लटका दिया था.

हालांकि सरकारी फ़ौजें तालेबान लड़ाकों और उनके एक आँख वाले नेता मुल्ला ऊमर को दो पिछले हमले नाकाम कर चुकें थे लेकिन तीसरे हमले तक ऐसा लगा कि उन्होंने लड़ने की अपनी इच्छा खो दी.

केवल पाकिस्तान और साउदी अरब ने अफ़गानिस्तान में तालेबान के शासन को तत्काल मान्यता दी बाकि ज्यादातर देशों ने बुरहानुद्दीन रब्बानी को ही अफ़गानिस्तान का राष्ट्रपति माना.

तालेबान एक पूर्ण इस्माली राष्ट्र की स्थापना करना चाहते थे जहाँ शरिया का पूरी तरह से पालन होता हो. तालेबान ने अफ़गानिस्तान पर नवंबर 2001 तक राज्य किया.

1988 : बेन जॉनसन से गोल्ड मेडल छीना

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Image caption साल 1993 में जॉनसन के नमूनों में एक बार फिर से प्रतिबंधित दवाएं पाईं गईं

सियोल ओलंपिक के दौरान इसी दिन कनाडाई धावक बेन जॉनसन से 100 मीटर दौड़ का उनका मेडल छीन कर उन्हें वापस भेज दिया गया था.

दरअसल 100 मीटर की दौड़ को 9.97 सेकण्ड में पूरा कर विश्व रिकॉर्ड के साथ जीतने वाले जॉनसन के मूत्र के नमूनों में प्रतिबंधित स्टेरॉयड पाए गए थे. दुखी और अपमानित हो कर टोरंटों में अपने घर लौटे बेन जॉनसन ने कहा कि उन्होंने जानबूझ कर कोई प्रतिबंधित दवा नहीं ली और वो इस फ़ैसले के खिलाफ़ अपील करेगें.

पर अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी पहले ही यह कह चुकी थी कि वो जॉनसन की इस सफ़ाई को नहीं मानेगें कि दौड़ के पहले उन्होंने एक आयुर्वेदिक ड्रिंक पीया था जिसके बारे में उन्हीं पता नहीं था कि इसमें प्रतिबंधित दवाएं मिली हुई हैं.

बेन जॉनसन के ऊपर दो साल तक किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया. जॉनसन दो साल बाद वापस लौटे लेकिन फिर उनका प्रदर्शन कभी पहले वाले स्तर के नज़दीक भी नहीं पहुँच पाया.

साल 1993 में जॉनसन के नमूनों में एक बार फिर से प्रतिबंधित दवाएं पाईं गईं जिसके बाद उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया.

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