पूर्व की ओर से सिर्त में घुसे गद्दाफ़ी विरोधी

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लीबिया में राष्ट्रीय अस्थाई परिषद के लड़ाके कर्नल गद्दाफ़ी की गृह शहर सिर्त में पूर्व की ओर प्रवेश कर गए हैं. पिछले तीन दिनों से गद्दाफ़ी विरोधी सेना शहर में प्रवेश की कोशिश में थीं.

गद्दाफ़ी के वफ़ादारों और सेना के बीच रॉकेट युद्ध चल रहा है.

इससे दो दिन पहले सिर्त शहर के पश्चिम से सेना ने प्रवेस किया था लेकिन गद्दाफ़ी समर्थकों की गोलीबारी के चलते उन्हें पीछे हटना पड़ा था.

सिर्त गद्दाफ़ी समर्थकों का आख़िरी गढ़ माना जा रहा है.

सिर्त में मौजूद बीबीसी संवाददाता एलस्टेयर लीथहैड ने बताया है कि शहर ने लोगों का पलायन जारी है और हैरानगी की बात तो ये है कि उनमें कुछ को ये भी नहीं मालूम की त्रिपोली में गद्दाफ़ी हार चुका है.

इनमें अधिकतर बेहद डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें बताया गया था कि अगर उन्होंने शहर छोड़ा तो विद्रोही लड़ाके उनके गले रेत देंगे.

हमारे संवाददाता के अनुसार शहर में बचे लोग अब लगातार भयंकर होती जा रही जंग फंस-से गए हैं.

बनी वलीद में भीषण जंग

सिर्त में गद्दाफ़ी समर्थक आसानी से हार नहीं मान रहे हैं.

शनिवार को सिर्त के पश्चिम से प्रवेश करने के बाद भी एनटीसी के लड़ाकों को पीछे हटना पड़ा था.

सिर्त एक बडा़ शहर है और इसके ईर्द-गिर्द लड़ाई तोपखाने और टैंकों के ज़रिए ही चल रही है. इसके अलावा नैटो भी शहर पर हवाई हमले कर रहा है.

सिर्त के अलावा बनी वलीद भी एनटीसी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

बनी वलीद में भी भीषण जंग जारी है. वहां एक कमांडर ने एएफ़पी को बताया है कि अगले दो दिन में वहां निर्णायक जंग होने वाली है.

कमांडर मोहम्मद अल-सेद्दिक़ ने कहा, “हम सुबह से गद्दाफ़ी की सेनाओं पर तोपखाने, टैंको और ऐंटी-एयरक्राफ़्ट तोपों से ज़ोरदार प्रहार कर रहे हैं. ”

चालीस साल से लीबिया पर राज करने वाले कर्नल गद्दाफ़ी अब भी एनटीसी के हाथ नहीं लगे हैं. गद्दाफ़ी के अधिकतर बच्चे और उनके नज़दीकी सहयोग लीबिया छोड़कर विदेशों में भाग चुके हैं.

उनकी बेटी आइशा ने अल्जीरिया में पत्रकारों को पिछले हफ़्ते बताया था कि उनके पिता अपने समर्थकों के साथ जंग में हिस्सा ले रहे हैं.

अल्जीरिया के अख़बार अल-ख़बर ने सोमवार को लिखा है कि आइशा समेत गद्दाफ़ी के समर्थक अब मिस्र की ओर चले गए हैं.

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