अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा बढ़ी: संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट

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Image caption अफ़ग़ानिस्तान में पिछले तीन महीनों के दौरान देश में सात हज़ार हिंसक घटनाएं हुई हैं

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले एक साल में हिंसक घटनाओं में 39 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले तीन महीनों के दौरान देश में सात हज़ार हिंसक घटनाएं हुई हैं.

रिपोर्ट के अनुसार इस साल के पहले सात महीनों में एक लाख तीस हज़ार लोग विस्थापित भी हुए हैं

इन घटनाओं में मुख्य रूप से गोलाबारी और बम से किए गए घातक हमले शामिल हैं. अधिकतर घटनाएं अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण और दक्षिण पूर्वी हिस्से में, विशेष रूप से कंधार शहर के पास हुई हैं.

काबुल में बीबीसी संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि हिंसक घटनाओं के ये आँकड़े बताते हैं कि तालिबान के हमलों की संख्या उन जगहों पर घटी है जहाँ नेटो की सेनाओं का जमावड़ा है, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में हिंसा और असुरक्षा फैल रही है.

उदाहरण के तौर पर हेलमंद को देखा जा सकता है जहाँ नेटो की सेनाओं की तैनाती है

आम लोग बने निशाना

रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक घटनाओं का मासिक औसत 2108 रहा और मारे जाने वाले आम लोगों की संख्या भी बढ़ गई है.

जून, जुलाई और अगस्त में मारे गए नागरिकों की संख्या पिछले साल इसी दौरान मारे गए लोगों की संख्या से पाँच फ़ीसदी ज़्यादा है.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि ऐसे हमलों की संख्या भी बढ़ी है जहाँ आत्मघाती हमलावरों ने महत्वपूर्ण भवनों पर हमले किए हैं..

काबुल हाल ही में कई बार ऐसे हमलों का निशाना बना. यहाँ अमरीकी दूतावास और ब्रिटिश काउंसिल पर हमले हुए.

साथ ही अफ़ग़ानिस्तान में अस्पतालों और मस्जिदों को भी निशाना बनाया गया जिनमें काफ़ी आम नागरिक मारे गए.

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