नहीं मिलेगी कोड़े लगाने की सज़ा

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रिपोर्टों के मुताबिक सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने कोर्ट के उस आदेश को पलट दिया है जिसमें एक महिला ड्राइवर को दस कोड़े लगाने की सज़ा दी गई थी.

महिला ड्राइवरों पर लगे प्रतिबंध के नियम को तोड़ने के आरोप में शीमा नाम की महिला को दोषी पाया गया था.

सज़ा माफ़ करने के आदेश की आधिकारिक पुष्टि हो गई है. एक सऊदी राजकुमारी ने भी इस बारे में ट्वीट किया है. साथ ही एपी ने भी एक अधिकारी के हवाले से ये ख़बर दी है.

सऊदी राजकुमार अलवलीद बिन तलाल की पत्नी अमीरा अल तावील ने ट्वीट किया है, “अल्लाह का शुक्र है. शीमा को कोड़े दिए जाने की सज़ा रद्द कर दी गई है. हमारे शाह का शुक्रिया.”

महिलाओं को मतदान के अधिकार देने की घोषणा के दो दिन बाद शीमा को सज़ा सुनाई गई थी.रिपोर्टों के मुताबिक महिला ड्राइवरों पर लगे प्रतिबंध को तोड़ने के लिए दो और महिलाएँ इस साल कोर्ट में पेश होंगी.

ड्राइविंग की मनाही

पिछले कुछ महीनों में कई महिलाओं को सऊदी अरब में गाड़ी चलाते हुए देखा गया है. इसका मकसद है कि राजशाही पर दबाव डाला जा सके कि औरतों को ड्राइविंग का हक़ मिल सके.

सऊदी अरब में इस्लामिक क़ानून को जिस तरह से लिया जाता है उसमें संरक्षक प्रणाली शामिल है. यानी सार्वजनिक जीवन में कुछ करने के लिए महिलाओं को पुरुष की अनुमति की ज़रूरत होती है.

लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि 2005 में शाह बनने के बाद से शाह अब्दुल्ला ने सुधारवादी रवैया अपनाया है, ख़ासकर महिलाओं के अधिकारों को लेकर.

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