सियर्त में चिकित्सा की सख़्त ज़रूरत

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Image caption सियर्त शहर की सीमा के पास के अस्पताल में ग़द्दाफी विरोधी सेना के घायल जवानों का इलाज किया जा रहा है.

लीबिया के शहर सियर्त में ग़द्दाफी समर्थक सेना और विपक्षी बलों में हुई भीषण लड़ाई के बाद वहां लोगों को चिकित्सा की सख़्त ज़रूरत है.

अंतर्राष्ट्रीय संस्था रेड क्रॉस के मुताबिक मुख्य सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की मौत हो रही है.

लीबिया की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ने शुक्रवार को दो दिन की संधि की घोषणा की थी ताकि आम लोग शहर छोड़ कर जा सकें.

लेकिन रेड क्रॉस के मुताबिक लड़ाई अब भी जारी है और कर्नल ग़द्दाफी की समर्थक सेना को पीछे धकेला जा रहा है.

सियर्त कर्नल ग़द्दाफी का गृह-नगर है. सियर्त और बनी वालिद शहर ग़द्दाफी के आखिरी गढ़ माने जा रहे हैं.

अस्पताल पर हमला

जिनिवा स्थित मुख्यालय से रेड क्रॉस ने एक बयान जारी कर कहा कि उनके पास ग़द्दाफी सेना और नैश्नल ट्रांज़िश्नल काउंसिल, दोनों से ही चेक-प्वाइंट पार करने और इब्न सीमा अस्पताल जाने की अनुमति है.

बयान में कहा गया है कि, “अस्पताल में मरीज़ों की तादाद बहुत ज़्यादा है, दवाओं की कमी है और ऑक्सीजन की सख़्त ज़रूरत है, साथ ही पानी की टंकी को भी नुकसान पहुंचा है.”

रेड क्रॉस की टीम ने अस्पताल में कुछ चिकित्सा संबंधी उपकरण पहुंचाए लेकिन घायल लोगों से नहीं मिल पाई.

टीम की मुखिया हिशेम खद्राओई ने समाचार एजंसी एएफपी को बताया, “जिस वक्त हम अस्पताल में थे, वहां कई रॉकेट दागे गए, फायरिंग भी हुई, लेकिन किसकी तरफ से ये पता नहीं चल सका.”

अस्पताल में काम कर रहे लोगों ने रेड क्रॉस को बताया कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की मौत हो रही है.

नैश्नल ट्रांज़िश्नल काउंसिल के सैन्य बलों ने कुछ हफ्ते पहले सियर्त पर हमला किया था लेकिन ग़द्दाफी समर्थक सेना ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और कोई पक्ष अबतक जीत का दावा नहीं कर पाया है.

शुक्रवार को काउंसिल की सेना ने हवाई अड्डे पर कब्ज़ा कर लिया. अब उनकी सेना शहर के पूर्वी और पश्चिमी छोर से सुनियोजित हमला करने की कोशिश में है ताकि शहर के मध्य में ग़द्दाफी समर्थक सेना का घेराव किया जा सके.

लेकिन वो बड़ा हमला करने से कतरा रहे हैं क्योंकि इससे आम नागरिकों के मारे जाने का ख़तरा है.

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