मुबारक ने प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग के लिए सेना को आदेश नहीं दिए थे

  • 3 अक्तूबर 2011
तंतावी (फ़ाईल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption तंतावी के बयान को काफ़ी अहम समझा जा रहा है.

मिस्र की अंतरिम सैन्य सरकार के प्रमुख फ़ील्ड मार्शल तंतावी ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने इस साल के शुरू में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सेना को प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग करने के आदेश नहीं दिए थे.

फ़ील्ड मार्शल तंतावी ने राजधानी का़हिरा के दक्षिणी इलाक़े में एक समारोह के दौरान ये बयान दिए हैं.

इससे ठीक एक सप्ताह पहले उन्होंने हुस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे में अदालत के सामने एक गुप्त बयान दिया था.

हुस्नी मुबारक पर आरोप है कि इस साल के शुरू में 18 दिनों तक चले सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान उन्होंने सेना को निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे.

इन प्रदर्शनों के दौरान लगभग 850 लोग मारे गए थे लेकिन 18 दिन के बाद राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी थी.

फ़ील्ड मार्शल तंतावी ने अपने बयान में कहा, ''सेना मिस्र के लिए लड़ती है किसी एक व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, चाहे वह कोई भी क्यों ना हो.''

हुस्नी मुबारक के कार्यकाल के दौरान तंतावी 20 वर्ष तक रक्षा मंत्री रहे थे.

तंतावी ने आगे कहा कि उन्होंने भगवान की शपथ लेकर अपना बयान दिया था और उन्होंने सच्चाई बयान की थी.

उनका कहना था, ''किसी ने भी हमें लोगों पर गोली चलाने के लिए नहीं कहा था और इस तरह से कोई गोली चलाएगा भी नहीं.''

तंतावी की 24 सितंबर को मुबारक के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे में अपना बयान दर्ज कराने के लिए अदालत के सामने पेशी की ख़बर किसी भी मीडिया संस्था में नही आई थी.

मुबारक के ख़िलाफ़ मुक़दमे में तंतावी के बयान को बहुत अहम माना जा रहा था क्योंकि मुबारक पर सेना को फ़ायरिंग के आदेश देने के गंभीर आरोप है.

हालाकि मुबारक इस आरोप को ख़ारिज करते रहें हैं और अगर उनपर लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है.

तंतावी पर आरोप

प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों की तरफ़ से पेश हुए वकीलों का आरोप है कि अदालत में पेशी के दौरान तंतावी ने समय से पहले ही अपना बयान दर्ज करा दिया और अभियोजन पक्ष के वकीलों को उनसे पूछ ताछ का मौक़ा दिए बिना ही वे कोर्ट रूम से चले गए.

तंतावी को पहले इसी महीने के शूरू में अपना बयान दर्ज कराना था लेकिन अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्होंने अदालत में पेश होने के बजाए लिखित रूप में अपना बयान देने की पेशकश की थी.

उनके इस क़दम ने अभियोजन पक्ष के लोगों के दिल में शक पैदा कर दिया कि कहीं तंतावी जानबूझकर अपने क़दम वापस तो नहीं ले रहें हैं.

बीबीसी के अरब मामलों के संपादक सेबास्टियन यूशर का कहना है कि प्रजातांत्रिक सुधारों की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि तंतावी अपने पूर्व राष्ट्रपति पर कुछ ज़्यादा ही नरम हैं.

मुबारक के सांथ-साथ उनके पूर्व सुरक्षा प्रमुख हबीब अल-आबिदि और छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी मुक़दमा चल रहा है.

सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों के ख़िलाफ़ अत्यधिक बल प्रयोग करने के आरोप में पूरे देश भर में लगभग 100 पुलिसकर्मियों पर मुक़दमा चल रहा है.

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