'विरोधियों को डराने-धमकाने की मुहिम'

  • 4 अक्तूबर 2011
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Image caption सीरिया में महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं लेकिन हुकुमत का रूख़ कड़ा है.

मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि सीरिया के अधिकारी विदेशों में रह रहे विरोधी दल के कार्यकर्ताओं को डरा-धमका रहे हैं और ये काम बड़े ही सुनियोजित तरीक़े से किया जा रहा है.

दूसरी तरफ़ सीरिया में अमरीका के राजदूत राबर्ट फ़ोर्ड ने बशर अल-असद हुकूमत से कहा है कि वो अपने भयानक दमनकारी रवैये में तब्दीली लाए और राजनीतिक प्रक्रिया में होने वाले बदलाव को शांतिपूर्ण तरीक़े से आगे बढ़ने दे.

बीबीसी की लिस डूसेट को दिए गए साक्षात्कार में राबर्ट फ़ोर्ड ने विपक्ष से भी शांति बनाए रखने की अपील की है.

रिपोर्ट

एमनेस्टी की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में रह रहे सरकार विरोधी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया के दूतावास में काम कर रहे लोगों से उन्हें धमकियां मिली हैं.

उन्होंने कहा कि उनके जो रिश्तेदार सीरिया में रह रहे हैं सरकार उनके ख़िलाफ़ बदले की भावना से काम कर रही है.

ब्रिटेन में रहने वाले एक एसे ही कार्यकर्ता जो राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार को हटाने की मांग करते रहे हैं उनका कहना है कि उन्हें सीरिया के दूतावास में काम कर रहे एक राजनयिक ने सीधे-सीधे धमकी दी है.

उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक पर भी शारीरिक क्षति पहुँचाए जाने की धमकी मिलने का आरोप लगाया है.

हालांकि उन्हें इसका पता नहीं कि ये संदेश किसने भेजा है.

जासूसी

एक दूसरे कार्यकर्ता का कहना है कि लोग भय में हैं खास तौर पर वो लोग जिन्होंने अपने साथियों के ख़िलाफ़ जासूसी करने से मना कर दिया है.

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Image caption अमरीकी राजदूत ने पहले सीरिया के कई शहरों का दौरा भी किया है जिसका सीरिया ने विरोध किया था.

विश्व मामलों के बीबीसी संवाददाता रिचर्ड गैलपिन का कहना है कि एमनेस्टी ने दूसरे देशों में हुई ऐसी घटनाओं का भी ब्यौरा दिया है. कहा गया है कि ऐसी घटनाएं अमरीका और कनाडा जैसे देशों में भी हो रही हैं.

एमनेस्टी ने इन मुल्कों की सरकारों से अपील की है कि वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए क़दम उठाएं.

रिपोर्ट में ब्रितानी विदेश कार्यालय और लंदन पुलिस के हवाले से कहा गया है कि ये मामला सीरिया के दूतावास के साथ उठाया गया था लेकिन राजूदत ने इस बात से इंकार किया है कि उनका कोई भी कार्यकर्ता इस तरह के काम में संलग्न है.

अव्यवस्था

बीबीसी को दिए गए साक्षात्कार में राजूदत फ़ोर्ड ने कहा है कि सरकार के दमन की वजह से हिंसा बढ़ रही है जिससे राजनीतिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही.

उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रतिबंध और अलग-थलग किए जाने की नीति और सीरिया के मित्र देशों जैसे रूस और ईरान के ज़रिए सुधार के लिए की गई अपील आख़िरकार कारगर होगी और असद सत्ता छोड़ देंगे.

सीरिया ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देश वहां अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

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