कैमरन ने कहा ब्रिटेन को भारत जैसी ऊर्जा की ज़रुरत

  • 6 अक्तूबर 2011
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Image caption डेविड कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन में भारत की तरह आर्थिक मोर्चे पर जीत का जुनून होना चाहिए.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि इस समय वैश्विक मंदी ख़तरा उतना ही गंभीर है जितना साल 2008 में था.

लेकिन उन्होंने अपने देश से घाटा कम करने की योजना की ओर अग्रसर रहने का आहवान करते हुए भय और निराशा से बचने को कहा है.

कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन को भी दिल्ली, शंघाई और लागोस की तरह जीत का जुनून हासिल करना चाहिए.

मैनचेस्टर में पार्टी सम्मेलन में कैमरन ने कहा, “जब आप दिल्ली, शंघाई या लागोस में जहाज़ से बाहर निकलते हैं तो आप वहां जीत के प्रति भूख और ऊर्जा का अहसास कर सकते हैं. हमें भी उसी अहसास की ज़रुरत है. साफ़-साफ़ कहूं तो यहां ‘नहीं कर सकते’ वाला अहसास है. हमें एक तेज़, केंद्रित और ‘कर सकने वाला’ देश बनना होगा. ”

कैमरन ने कहा कि ये कहा जा रहा है कि कामयाब होने के लिए ब्रिटेन के भारत, चीन या ब्राज़ील की तरह होना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को किसी और देश की तरह बनने की ज़रुरत नहीं बल्कि उसे तो पहले की तरह मेहनत करने वाला, स्वतंत्र, सृजनशील और आशावादी बनना चाहिए.

पचास मिनट तक चले भाषण में डेविड कैमरन ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बताया कि अर्थव्यवस्था के बारे में किसी को भी झूठे आशावाद की ज़रुरत नहीं है.

उन्होंने माना कि यूरोप के कर्ज़ सकंट के बीच ब्रिटेन के लिए भी ये एक मुश्किल दौर है क्योंकि बहुत से लोगों को बढ़ते दामों, नौकरियों के जाने और आवास की कमी से दो-चार होना पड़ रहा है.

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