स्टीव जॉब्स का निधन, दुनिया भर से श्रद्धांजलि

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Image caption जॉब्स के इस्तीफ़े के बाद टिम कुक ऐपल के सीईओ बने

प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अमरीका की बड़ी कंपनियों में से एक ऐपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स का निधन हो गया है.

जॉब्स ने 2004 में घोषणा की थी कि वह अग्न्याशय या पैंक्रियस के कैंसर से जूझ रहे थे. उनका निधन 56 वर्ष की आयु में हुआ.

ऐपल की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "स्टीव की कुशलता, उनका उत्साह और उनकी ऊर्जा न जाने कितने उत्पादों का स्रोत बनीं जिन्होंने हमारे जीवन को बेहतर बनाया है."

प्रौद्योगिकी क्षेत्र की एक अन्य जानी-मानी हस्ती बिल गेट्स ने कहा है कि जॉब्स का 'गहरा प्रभाव आने वाली कई पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा.'

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गेट्स ने कहा, "हमारे जैसे कुछ भाग्यशाली लोग जिन्हें उनके साथ काम करने का मौक़ा मिला हम सबके लिए ये सम्मान की बात है. मैं उनकी कमी काफ़ी महसूस करूँगा."

ऐपल के बयान में कहा गया है, "ऐपल ने एक दूरदर्शी और रचनाशील प्रतिभा और दुनिया ने एक अदभुत इंसान खो दिया है."

योगदान

कंपनी के मुताबिक़, "स्टीव अपने पीछे एक ऐसी कंपनी छोड़ गए हैं जिसे सिर्फ़ वही बना सकते थे. उनकी आत्मा हमेशा ही ऐपल की बुनियाद रहेगी."

वह दुनिया के अग्रणी व्यवसायियों में से एक थे और उन्होंने आईपॉड तथा आईफ़ोन जैसे उपकरण दुनिया को दिए.

उनका निधन आईफ़ोन के नए मॉडल 4एस के लॉन्च के एक दिन बाद ही हो गया.

जॉब्स ने 2004 में घोषणा की थी कि उन्हें अग्न्याशय या पैंक्रिअस का कैंसर है और पाँच साल बाद उन्होंने लिवर का प्रतिरोपण भी करवाया था.

जनवरी में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी ली थी और उसके बाद अगस्त में ऐपल के सीईओ के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. टिम कुक अब ये ज़िम्मेदारी सँभाल रहे हैं.

त्याग पत्र में जॉब्स ने कहा था, "मैं इस बात में विश्वास करता हूँ कि ऐपल के सबसे अच्छे और रचनात्मक दिन अभी आगे आएँगे. मैं अब एक नई भूमिका में इसकी सफलता में योगदान दूँगा."

सीईओ के पद से इस्तीफ़े के बाद भी वह ऐपल के चेयरमैन के पद पर बरक़रार थे.

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