कैलिफ़ोर्निया में अवैध अप्रवासी छात्रों को वजीफ़ा

Image caption कैलिफ़ोर्निया में आम तौर पर अवैध आप्रवासियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई की जाती है

अमरीका में कैलिफ़ोर्निया प्रांत के गवर्नर जैरी ब्राऊन ने एक नए क़ानून पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत सरकार बेहतर प्रदर्शन करने वाले अवैध तरीके से आए अप्रवासियों को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाने के लिए पैसा देगी.

इस नए कानून का नाम कैलिफ़ोर्निया ड्रीम एक्ट या कैलिफ़ोर्निया स्वप्न अध्यादेश है.

लेकिन कई लोगों ने इस क़ानून का विरोध भी किया है और वे गवर्नर ब्राऊन की कड़ी आलोचना भी कर रहे हैं.

करोड़ों की मदद

अधिकारियों का अनुमान है कि कैलिफ़ोर्निया के हाई स्कूलों में लगभग 2500 अप्रवासी छात्रों को इस क़ानून से फ़ायदा होगा.

ये क़ानून 2013 से लागू हो जाएगा और इसके तहत कुल 1.45 करोड़ डॉलर तक की मदद दी जाएगी.

ब्राऊन का कहना था, "इस क़ानून से सभी का फ़ायदा होगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अपना जीवन सुधारने का मौक़ा भी मिलेगा. ब्राउन ने कहा कि नए कानून से ना केवल छात्र अपना भविष्य सुधार पाएँगें बल्कि वो हम सबकी जिंदगियां भी सुधार पाएँगे."

'नागरिकों के संसाधन औरों के लिए'

लेकिन इस क़ैलिफ़ोर्निया ड्रीम एक्ट के विरोधियों का कहना है कि इससे अवैध तरीके से अमरीका आने वाले लोगों के बीच ये संदेश जाएगा कि अवैध अप्रवासन अमरीका में स्वीकार्य है.

इस कानून के विरोधियों का यह भी कहना है कि अभी तक जो संसाधन अमरीकी नागरिकों के लिए सुरक्षित थे उन्हें अवैध अप्रवासीयों के लिए भी खोला जा रहा है.

उनका यह भी कहना है कि यह क़ानून अमरीका के संघीय अप्रवासन कानून में आमूलचूल बदलावों के हुए बिना पास ही नहीं किया जाना था. कैलिफ़ोर्निया के पिछले गवर्नर अर्नोल्ड श्वाजनेगर ने इस कानून के ऊपर दस्तख़त करने से इनकार कर दिया था.

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