न्यूज़ीलैंड: जहाज़ से रिस रहा है तेल

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Image caption रेना से रिस रहे तेल से समुद्री जनजीवन को भारी नुकसान हो रहा है.

न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन के ने कहा है कि तेल से भरे जहाज़ से तेल रिसाव के बारे में उठ रहे 'गंभीर सवालों' के जवाब खोजना ज़रुरी है.

न्यूज़ीलैंड के सबसे सुंदर समुद्र तटों में से एक के पास लाइबेरिया के झंडे वाला एक जहाज़ फंसा है जिससे रिस रहे तेल से क़रीब पांच किलोमीटर इलाक़े में प्रदूषण हो रहा है.

प्रधानमंत्री के ने हेलीकॉप्टर से उस इलाक़े का जायज़ा लिया जहां यह जहाज़ एस्ट्रोलेब रीफ़ (शैवाल द्वीप) से टकराकर फंस गया है.

उनका कहना था कि इस बात की जांच जारी है कि जहाज़ एस्ट्रोलेब रीफ से कैसे टकराया.

रीफ़ ने रेडियो न्यूज़ीलैंड से कहा, '' लोगों को एस्ट्रोलेब शैवाल के बारे में पता था लेकिन जहाज़ यहां आकर क्यों लगा वो भी रात में जब पानी शांत होता है.इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ हुई है और हमें ये जानना है.''

न्यूज़ीलैंड की नौसेना ने तेल रिसाव को रोकने के लिए अपने चार जहाज़ भेजे हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अब तक समुद्र में 20-30 टन तेल गिर चुका है.

बुधवार को ही रेना समुद्र में पंस गया था जिसके बाद से उसमें से तेल लगातार रिस रहा है और इससे समुद्री जनजीवन को अच्छा ख़ासा नुकसान हो रहा है.

अधिकारियों के अनुसार रेना से निकले तेल ने कम से कम पाँच किलोमीटर के दायरे में एक परत बना ली है. रेना पर सैकड़ों टन तेल है. अगर रेना तेज़ हवाओं के कारण टूटता है तो इसमें से 1700 टन भारी ईधन समुद्र में गिरेगा जिससे व्हेल, पेंग्विन, सील और डॉल्फिन जैसी मछलियों के जीवन को भारी नुकासन होगा.

रेना जहाज़ की मालिक कंपनी स्वितज़र सालवेज़ का कहना है कि जहाज़ से तेल हटाना ज़रुरी है क्योंकि इसे हटाए बिना जहाज़ को चला पाना मुश्किल हो चुका है.

कंपनी के एक प्रवक्ता का कहना था कि जहाज़ का निचला हिस्सा नष्ट हुआ है जिसके कारण तेल समुद्र में आ रहा है.

न्यूज़ीलैंड के परिवहन मंत्री का कहना था, ‘‘ समस्या ये है कि स्थिति हर दिन ख़राब होती जा रही है और अब हमें ये सलाह मिल रही है कि जहाज़ को तोड़ कर पानी में ही डुबो दिया जाए.’’

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