विरोधियों को मान्यता दी तो कार्रवाई होगी: सीरिया

Image caption सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ कई महीनों से विशाल प्रदर्शन हो रहे हैं

सीरिया के विदेश मंत्री वालिद अल मौलीम ने चेतावनी दी है कि यदि किसी देश ने विपक्षी दलों की हाल में गठित सीरियाई नेशनल काउंसिल (एसएनसी) को मान्यता दी तो सीरिया उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा.

हालांकि उन्होंने ये नहीं कहा है कि किस तरह की कार्रवाई की जाएगी.

मिस्र और ट्यूनिशिया में इस साल फ़रवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद सीरिया में भी राष्ट्रपति बशर अल असद के इस्तीफ़े और व्यापक राजनीतिक सुधारों की मांग उठने लगी थी.

पिछले कई महीनों से वहाँ सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं जिन्हें बहुत सख़्ती से दबाया गया है. लगभग 2900 लोग इन प्रदर्शनों के दौरान सरकारी कार्रवाई में मारे गए हैं और अनेक अन्य घायल हुए हैं.

तीन अक्तूबर को सीरियाई विपक्ष के सात धड़ों ने संयुक्त तौर पर तुर्की में सीरियाई नेशनल काउंसिल का गठन किया था.

पश्चिमी देशों ने इसका स्वागत किया था लेकिन इसे औपचारिक तौर पर मान्यता फ़िलहाल नहीं दी गई है.

'सशस्त्र आतंकवादी गुट ज़िम्मेदार'

पाँच लातिन अमरीकी देशों के विदेश मंत्रियों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए वालिद अल मौलीम ने कहा, "मेरा संबंध हमारे रुख़ से है. हम उस देश के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेंगे जो इस अवैध परिषद को मान्यता देता है."

एसएनसी के गठन के समय इसके चेयरमैन बुरहान घालिओन ने कहा था, "ये स्वतंत्र ग्रुप है जो सीरियाई लोगों की संप्रभुता और आज़ादी के लिए उनके संघर्ष का प्रतीक है."

उधर मैलीम ने दावा किया कि प्रमुख कुर्द विपक्षी नेता मिशाल अल-ताम्मो की हत्या के लिए एक सशस्त्र आतंकवादी गुट ज़िम्मेदार है. लेकिन ताम्मो के परिवार ने सरकार पर उनकी हत्या का आरोप लगाया है.

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