पुतिन की महत्वपूर्ण चीन यात्रा

  • 11 अक्तूबर 2011
पुतिन (फ़ाइल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption पुतिन बुधवार को चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ से मिलेंगे

रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन दो दिन की यात्रा पर चीन पहुँचे हैं.

उनकी इस यात्रा के दौरान एक बड़े ऊर्जा समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना बताई जा रही है.

अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार होने की घोषणा करने के बाद पुतिन की यह पहली विदेश यात्रा है.

चीन रूस का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, पुतिन बीजिंग में चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से मिल चुके हैं और बुधवार को उनकी मुलाक़ात राष्ट्रपति हू जिंताओ से होगी.

पुतिन एक विशाल व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बीजिंग पहुँचे हैं, दोनों देश लगभग सात अरब डॉलर के 20 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

पुतिन दुनिया के सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश को गैस की सप्लाई करना चाहते हैं लेकिन गैस की क़ीमतों पर असहमति के कारण अभी तक समझौता नहीं हो सका है.

चीन रूस का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, दोनों के बीच मुख्य कारोबार रक्षा सामग्री औऱ ऊर्जा के क्षेत्र में होता है.

पुतिन के इस दौरे के केंद्र में एक बार फिर ऊर्जा ही है, चीन और रूस के बीच व्यापार के बहुत बढ़ने की संभावना है, मिसाल के तौर पर चीन अपने कुल तेल आयात का सिर्फ़ छह प्रतिशत हिस्सा रूस से ख़रीदता है.

रूस और चीन, अमरीका के नेतृत्व में होने वाली हर अंतरराष्ट्रीय कोशिश की सफलता और नाकामी में अहम भूमिका निभाते हैं, कूटनीति के मोर्चे पर इन दोनों देशों का एकजुट होना उन्हें ख़ासी शक्ति देता है क्योंकि दोनों के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता है.

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