इतिहास के पन्नों में 16 अक्तुबर

अगर इतिहास के पन्नों को पलटें तो देखेंगे कि आज ही के दिन 1978 में पोलैंड के एक ईसाई धर्मगुरू को कैथोलिक पोप नियुक्त किया गया. चार सौ सालों में पहली बार कोई ग़ैर इतालवी इस पद पर पहुँचा था.

ग़ैर इतालवी पोप

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Image caption पोप जॉन पॉल द्वितीय गै़र इतालवी मूल के पहले शीर्ष कैथोलिक धर्मगुरू बनाए गए थे.

1978 में आज ही के दिन पोलैंड के एक बिशप को पोप बनाया गया था.

चार सौ वर्षों में पहली बार वैटिकन के ईसाई धर्मगुरुओं ने इतालवी मूल की बजाए पोलिश व्यक्ति को पोप चुना.

क्राकोव के आर्चबिशप कार्डिनल कारोल वोयत्याला के पोप चुने जाने पर दुनिया भर में कैथोलिक समुदाय के लोग चकित रह गए.

इस प्रक्रिया में दो दिन लगे और ये फ़ैसला आठ मतों से हुआ.

इसके बाद ही प्राचीन परंपरा के मुताबिक़ वैटिकन के सिस्तीन चैपल की छत से सफ़ेद धुआँ छोड़ा गया जिसका अर्थ होता है कि पोप के पद का फ़ैसला हो गया है.

पोलैंड के रहने वाले इस पोप को ही बाद में पोप जॉन पॉल द्वितीय के नाम से जाना गया.

युद्धविरोधी लोकगायक

आज के दिन 1967 में वियतनाम युद्ध के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए लोकगायक जोन बेज़ को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

अमरीका में बॉस्टन से लेकर एटलांटा तक तीस से ज़्यादा शहरों में युद्ध विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था.

कैलिफ़ोर्निया के ओकलैंड में ढाई सौ से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों ने फ़ौज में भर्ती होने जा रहे लोगों को रोकने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. इनमें जोन बेज़ भी शामिल थे.

पिस्तौल पर पाबंदी

Image caption ये पाबंदियां हिंसा की एक घटना के बाद लगाई गईं.

16 अक्तूबर 1996 को एक घातक घटना के बाद ब्रिटिश सरकार ने पिस्तौल और रिवॉल्वर वग़ैरह पर पाबंदी लगा दी.

स्कॉटलैंड के डनब्लेन इलाक़े में 13 मार्च को एक आदमी ने एक प्राइमरी स्कूल की व्यायामशाला में घुसकर 16 छोटे छोटे बच्चों और उनके अध्यापक की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इस घटना की जाँच में ये बात सामने आई कि ऐसी घटनाओं का पहले से अनुमान नहीं लगाया जा सकता है.

जाँच समिति ने कई सिफ़ारिशें कीं जिनमें से एक पिस्तौल रखने संबंधी नियमों को कड़ा करने के बारे में थी.

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