सीरिया: बाग़ी सैनिकों के पक्ष में हुई रैली पर फ़ायरिंग

  • 15 अक्तूबर 2011
सीरिया में असद विरोधी प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption सीरिया में मार्च से चल रहे प्रदर्शनों में सरकारी कार्रवाई में 3000 लोग मारे गए हैं

सीरिया में सरकार के विरोध में और बाग़ी सैनिकों के समर्थन में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे हैं. उधर संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इससे पहले कि स्थिति गृह युद्ध में बदल जाए, विदेशी ताकतों को कार्रवाई करनी चाहिए और आम नागरिकों को बचाना चाहिए.

मिस्र और ट्यूनिशिया में इस साल फ़रवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद सीरिया में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु हो गए थे.

लेकिन सीरिया की सरकार ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई है और संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक मार्च से प्रदर्शनों में मरने वाले लोगों की संख्या 3000 हो गई है जबकि हज़ारों अन्य गिरफ़्तार कर लिए गए हैं.

सीरिया में प्रदर्शनकारी व्यापक राजनीतिक सुधारों और राष्ट्रपति बशर अल असद के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. असद ने इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है और हाल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के ख़िलाफ़ लाए गए प्रस्ताव को चीन और रूस ने वीटो कर दिया था.

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी

जुमे की नमाज़ के बाद शुक्रवार को भी हज़ारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए. उन्होंने उन सैनिकों का भी समर्थन किया जिन्होंने लोगों के ख़िलाफ़ सरकारी कार्रवाई में भाग लेने से इनकार कर दिया है.

बीबीसी संवाददाता फ़रहाना हैदर के अनुसार, "कार्यकर्ताओं ने बताया है कि बाग़ी सैनिकों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हज़ारों लोगों पर सुरक्षा बलों ने गोलियाँ चलाई हैं और कम से कम 12 लोग मारे गए हैं. उधर सीरियाई सरकारी मीडिया ने ख़बर दी है कि दक्षिणी शहर डेरा में एक नाके पर हुए हमले में एक सैनिक मारा गया है."

दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकारों के लिए आयुक्त नवी पिल्लई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि वह एकजुट होकर आम नागरिकों को सरकारी कार्रवाई से बचाने के क़दम उठाए.

नवी पिल्लई के प्रवक्ता रुपर्ट कोलविल्ली ने कहा, "सीरियों में विरोध की शुरुआत से ही सरकार ने ज़रूरत से ज़्यादा बल का प्रयोग किया है ताकि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचला जाए. छतों से निशाना लगाकर गोलियाँ चलाना, प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बिना सोचे-समझे बल प्रयोग, फ़ायरिंग और रिहायशी इलाक़ों पर गोलाबारी कई सीरियाई शहरों में आम बात हो गई है."

नवी पिल्लई ने चेतावनी दी है कि इन दमनकारी नीतियों के कारण, इससे पहले कि सीरिया में पूरा गृह युद्ध छिड़ जाए, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को क़दम उठाने चाहिए.

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