'पूंजीवाद विरोधी' आंदोलन जारी; 70 गिरफ़्तार

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Image caption न्यू यॉर्क में क़रीब एक महीने से चल रहे प्रदर्शन में अब दुनियाभर से लोग जुड़ गए हैं.

विश्व के वित्तीय ढांचे की अव्यवस्था और 'सरकारी लोभ' के ख़िलाफ दुनियाभर में दूसरे दिन भी प्रदर्शन हो रहे हैं.

ऑकलैंड से टोरोंटो तक कई बड़े शहरों में प्रदर्शनकारियों ने शनिवार की रात तम्बूओं के नीचे गुज़ारी.

लंदन में प्रदर्शनकारियों के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनका मक़सद अपने विरोध को न्यूयॉर्क शहर के स्तर तक ले जाना है.

न्यूयॉर्क के मुख्य कारोबारी इलाके वॉल स्ट्रीट में 'वॉल स्ट्रीट पर कब्ज़ा करो' के नाम से कॉरपोरेट जगत के कथित लोभ, बुरे आर्थिक प्रबंधन और सरकारी ख़र्च में कटौती के ख़िलाफ़ अपना विरोध व्यक्त करने के लिए हज़ारों लोग कई हफ़्तों से जमा थे और तम्बुओं में रह रहे थे.

शनिवार को इन प्रदर्शनकारियों ने वॉल स्ट्रीट का इलाका छोड़ अब टाइम्स स्क्वेयर में जमा हो गए.

इस बीच पुलिस ने 69 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार कर लिया. इनमें से 45 को टाइम्स स्क्वेयर से और 24 को वॉशिंगटन स्क्वेयर पार्क से गिरफ़्तार किया गया.

अमरीका में प्रदर्शन

न्यू यॉर्क शहर में प्रदर्शनकारियों के प्रवक्ता के मुताबिक शनिवार को क़रीब 5,000 लोगों ने एक पैदल मार्च में हिस्सा लिया.

प्रदर्शनकारियों नारे लगा रहे थे, “हम बिक गए और बैंक बच गए” और “दिन भर और पूरे हफ्ते, 'वॉल स्ट्रीट पर कब्ज़ा करो”.

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Image caption टाइम्स स्क्वेयर में 45 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

जब टाइम्स स्क्वेयर में प्रदर्शनकारियों को घोड़े पर सवार पुलिसकर्मी हटा रहे थे तब एक महिला गिर गई और उन्हें चोटें आईं.

अमरीका के अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए. लॉस एंजलीस के सिटी हॉल के बाहर 5,000 लोगों ने और पिट्सबर्ग में 2,000 लोगों ने रैलियां निकाली.

न्यू यॉर्क में 17 सितंबर को कुछ लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया था लेकिन अब लोगों की संख्या हज़ारों में पहुंच गई है.

‘उन्हें ढूंढकर सज़ा देनी होगी’

शनिवार को दुनिया के कई शहरों में शांतिपूर्वक प्रदर्शन हुए लेकिन इटली की राजधानी रोम में हिंसक झड़पें हुईं जिसमें 70 लोग घायल हो गए.

अब इटली के प्रधानमंत्री सिल्वीयो बर्लुसकोनी ने कहा है कि ये हिंसा “चिंताजनक” है और इसके पीछे जिनका हाथ है “उन्हें ढूंढकर सज़ा देनी होगी.”

रोम के मेयर गियानी ऐलेमानो ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के लिए इटली और यूरोप के कुछ डाकुओं को ज़िम्मेदार ठहराया.

शनिवार को रोम में हज़ारों लोग प्रदर्शन के लिए जमा हुए थे, लेकिन अचानक काले कपड़े और हेल्मेट पहने कुछ लोग भीड़ में से बाहर निकले.

इन्होंने बैंको और दुकानों पर हमला किया, शीशे तोड़े और कारों में आग लगा दी.

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