विदेश मंत्री के मित्र की पुलिस जाँच संभव

  • 16 अक्तूबर 2011
लिअम फॉक्स संग एडम वेरीटी
Image caption निजी मित्रता रक्षा मंत्री लियम फ़ॉक्स को भारी पड़ी.

लंदन पुलिस पूर्व रक्षा मंत्री लियम फ़ॉक्स के क़रीबी दोस्त एडम विरीटी पर धोखाधड़ी के संभावित मामले में जांच करने पर विचार कर रही है.

विपक्षी लेबर पार्टी के सांसद जॉन मैन का मानना है कि यह साबित हो जाने के बाद कि विरीटी, लियम फ़ॉक्स के सरकारी सलाहकार होने का दावा किया करते थे और उसके लिए वो ग़लत बिज़नेस कार्ड्स का इस्तेमाल करते रहे, उनके ख़िलाफ़ ग़लतबयानी और धोख़ाघड़ी का मामला बन सकता है.

विरीटी की एक कंपनी ने रईस समर्थकों से हज़ारों पाउंड दान में लिए थे.

मैन ने कहा कि ब्रिटेन में राजनीतिक पार्टियों और उनके कोष की जांच करनेवाली निर्वाचन आयोग से भी इस मामले की छानबीन करने को कहा जा सकता है.

जाँच रिपोर्ट

उम्मीद की जी रही है कि लियम फ़ॉक्स पर संहिता तोड़ने संबंधी आरोपों की जाँच कर रहे कैबिनेट सचिव सर गस ओडॉनेल की रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आ जाएगी.

लियम फ़ॉक्स शुरु से ही कहते आ रहे है कि विरीटी ना तो उनके सरकारी सलाहकार है ना ही उन्हें निजी तौर पर नियुक्त किया गया है. फ़ॉक्स ने संसद में कहा है कि उन्होने विरीटी से पहले भी उन बिज़नेस कार्ड्स का इस्तेमाल न करने को कहा था जिसमें वो ख़ुद को उनका सलाहकार बताते थे.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री तबसे भारी दबाव मे थे जबसे ये बात सार्वजनिक हुई थी कि पद संभालने के बाद वो विरीटी को अपने साथ 18 विदेशी यात्राओ में ले गए थे और उन्होंने अपने मित्र से विभाग के भीतर 22 मुलाक़ाते की थीं.

इस विवाद के समय ये बात भी सामने आई कि जिन विदेश यात्राओं में लियम फ़ॉक्स, विरीटी को साथ ले गए थे वहां विरीटी की कोई ज़रूरत नहीं थी यानि वो किसी तरह की कोई भूमिका नहीं निभा रहे थे.

फ़ॉक्स के पूर्व सह-निवासी विरीटी, लोगों को जाली बिज़नेस कार्ड देते थे और बताते थे कि वह फ़ॉक्स के साथ रक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों की सभी बैठकों में जाते थे.

विरीटी को इन व्यापारिक गतिविधियों के लिए पैसे कहां से मिलते थे और इस काम से उन्हें क्या फायदा मिलता था इस सवाल का जवाब अभी सामने नहीं आया है.

इस्तीफ़ा

लियम फ़ॉक्स को एडम विरीटी के साथ आधिकारिक काम-काज के रिश्तों से जुड़े आरोपों के चलते हाल ही में रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को लिखी चिट्ठी में फ़ॉक्स ने कहा था कि वो अपनी निजी और पेशेवर ज़िम्मेदारियों को "ग़लती से अलग" नहीं रख पाए. कैमरन ने फ़ॉक्स के इस्तीफ़े पर अफ़सोस जताया था.

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