अपने परिवार से मिले गिलाद शलित

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Image caption एक इसराइली हवाई अड्डे पर अपने पिता से मिले गिलाद शलित

इसराइली सैनिक गिलाद शलित गज़ा में पांच साल तक हमास के कब्ज़े में रहने के बाद मंगलवार को अपने परिवार से मिले हैं. शलित इसराइली वायुसेना के एक अड्डे पर अपने माता-पिता और भाई से मिले.

इससे पहले गिलाद शलित को सैकड़ों फ़लस्तीनी बंधकों के बदले छोड़ा गया है. गिलाद शलित के बदले इसराइल कुल 1027 फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा करने पर राज़ी हुआ है.

थके हुए लग रहे गिलाद शलित ने मिस्र के सरकारी टीवी चैनल के बताया है कि उन्हें हमेशा यक़ीन था कि वे एक दिन आज़ाद होकर इसराइल पहुंचेंगे.

विश्लेषण: एक हज़ार के बदले एक का गणित

शलित इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतनयाहू से भी मिले हैं. रिहा हुए इसराइली सैनिक से मिलने के बाद नेतनयाहू ने कहा कि फ़लस्तीन के साथ हुए समझौते में एक लंबा समय लगा और ये उनके लिए एक मुश्किल फ़ैसला रहा है.

अदला-बदली - तस्वीरों में

लेकिन साथ ही नेतनयाहू ने ये भी कहा, " मैं ये साफ़ कर देना चाहता हूं...हम आतंकवाद से लड़ते रहेंगे."

समझौता

इसराइल की सुप्रीम कोर्ट ने शलित के बदले फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई वाले समझौते पर सोमवार को अपनी मुहर लगा दी थी.

देश की सबसे ऊंची अदालत ने ये फैसला एक अपील की सुनवाई करते हुए किया था जिसमें इसराइली शहरियों पर हमले और हत्या के दोष में सज़ा काट रहे फ़लस्तीनियों को छोड़े जाने का विरोध किया गया था.

समझौते के तहत पहली खेप में क़रीब 500 बंदी रिहा किए जाएंगे. दूसरी रिहाई दो महीनों के भीतर होनी है.

बीबीसी के मध्य एशिया मामलों के संपादक जेरेमी बोवेन का कहना है कि इसराइल ने गिलाद शलित की रिहाई की बड़ी क़ीमत चुकाई है. हालांकि जो शहरी अपने बच्चों को फ़ौज में भेजते हैं वो शलित के परिवार का दर्द समझ सकते हैं.

फ़लस्तीन में रिहा किए जा रहे बंदियों का स्वागत शायद हीरो की तरह हो.

लेकिन अगर ये मान भी लिया जाए कि बंदी अदला-बदली योजनानुसार भी सफ़ल हो जाती है तो, कहा जा रहा है कि, इससे मध्य-पूर्व में शांति प्रक्रिया पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा.

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