टीम अन्ना के दो सदस्यों का इस्तीफ़ा

  • 18 अक्तूबर 2011
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Image caption अन्ना हज़ारे की टीम के दो सदस्य, पीवी राजगोपाल और राजेन्दर सिंह, ने कोर कमेटी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

टीम अन्ना के दो मुख्य सदस्य, पीवी राजगोपाल और राजेन्दर सिंह ने मंगलवार को कोर कमेटी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

इन दोनों को अन्ना के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन के 'राजनीतिक मोड़' लेने पर आपत्ति है. इनका ये भी दावा है कि आंदोलन में भ्रम की स्थिति है.

हालांकि राजगोपाल का कहना है कि टीम अन्ना उन पर इस्तीफ़ा न देने के लिए 'दबाव' डाल रही थी.

इस कदम की एक वजह अन्ना का हिसार उपचुनाव में कांग्रेस विरोधी अभियान भी माना जा रहा है. इन दोनों का दावा है कि ये फ़ैसला कोर कमेटी द्वारा नहीं लिया गया था.

राजगोपाल इस समय भूमि अधिकारों से जुड़ी अखिल भारतीय यात्रा के सिलसिले में केरल के अट्टापडी में हैं जहां से उन्होंने कोर कमेटी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखित में अपने फ़ैसले की सूचना दी. जबकि राजेंन्दर सिंह का कहना था कि उन्हें पत्र लिखने की ज़रूरत नहीं महसूस हुई क्योंकि उन्होंने कभी भी टीम की सदस्यता नहीं मांगी थी.

राजगोपाल ने पीटीआई को बताया कि फ़ैसले लेने के मामले में टीम अन्ना में समन्वय की समस्याएं हैं.

उनका कहना था, "हर व्यक्ति बोल रहा था और उसे टीम का फ़ैसला बताया जा रहा था. हिसार के बारे में कोर ग्रुप का फ़ैसला नहीं था. मुझे लोगों के व्यक्तिगत फ़ैसलों पर सहमति जताने में दिक्कत होगी."

जल संरक्षण कार्यकर्ता और मैगसेसे पुरुस्कार विजेता राजेन्दर सिंह का कहना था कि वो कभी भी टीम के सक्रिय सदस्य नहीं थे. उन्होंने कहा, "जब मुझे लगा कि टीम राजनीतिक बनती जा रही है, मैंने कमेटी छोड़ने का फ़ैसला कर लिया."

टीम अन्ना में मुश्किलें

पिछले दो दिनों में अन्ना हज़ारे ने टीम अन्ना के एक और सदस्य प्रशांत भूषण पर अपना रूख बदला है. उनका कहना है कि टीम के एक और सदस्य प्रशांत भूषण टीम में रहेंगे या नहीं, इस बारे में कोर कमेटी फ़ैसला करेगी. इसके बाद से टीम अन्ना में कुछ मुद्दों पर मतभेद उभरे हैं.

उल्लेखनीय है कि प्रशांत भूषण ने कहा था कि कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में जनमत संग्रह करवाया जा सकता है जिस पर उनकी टीम के कुछ सदस्यों को आपत्ति है.

पहले अन्ना हज़ारे ने इस बयान से अपने आपको अलग कर लिया था और कहा था कि वह प्रशांत भूषण के अपने व्यक्तिगत विचार हैं, टीम अन्ना के विचार नहीं हैं.

उन्होंने ये भी कहा था कि उनके अपने विचार से कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इससे कोई समझौता नहीं हो सकता.

साथ ही अन्ना हज़ारे के कांग्रेस विरोधी अभियान में भी थोड़ा बदलाव आया है. अब उनका कहना है कि अगर यूपीए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में मज़बूत लोकपाल बिल लाती है तो वो पूरे देश में कांग्रेस के साथ काम करेंगे.

अन्ना हज़ारे ने ये भी कहा है कि वो उत्तर प्रदेश की यात्रा पर शीतकालीन सत्र के ख़त्म होने के बाद निकलेंगे जबकि पहले उन्होंने दशहरे के बाद ही कांग्रेस के विरोध में राज्य में यात्रा करने का ऐलान किया था.

सूत्रों के मुताबिक रालेगण सिद्धी में अन्ना के करीबी सहयोगियों ने उन्हें उनके कांग्रेस विरोधी अभियान में नरमी लाने के लिए राज़ी कर लिया है.

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