ग्रीस में ख़र्च कटौती को लेकर हड़ताल

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Image caption जून में हुई हड़ताल का असर भी पूरे देश पर पड़ा था.

ग्रीस में ख़र्च कटौती के ख़िलाफ़ 48 घंटों की हड़ताल शुरू हो गई है.

आशंका जताई जा रही है कि इस हड़ताल का असर हवाई यात्रा, आम नागरिक सेवा, सरकारी दफ़्तर और रोज़मर्रा की ज़रूरतों की वस्तुओं की दुकानों पर भी पड़ेगा.

48 घंटों की इस हड़ताल का आह्वान ऐसे समय में किया गया है जब ग्रीस की संसद ख़र्च कटौती के नए मसौदों पर मतदान करने वाली है.

इस नए मसौदे में कर में बढ़ोत्तरी, वेतन और नौकरियों में कटौती का प्रावधान है.

एथेंस में मौजूद बीबीसी संवाददाता क्रिस मॉरिस के अनुसार ग्रीस में विरोध प्रदर्शनों की रफ़्तार पिछले कुछ हफ़्तों में बढ़ती जा रही है.

बुधवार और गुरूवार को होने वाली इस हड़ताल का आह्वान ग्रीस की दो बड़ी यूनियनों ने किया है जिनके अंतर्गत सरकारी और निजी क्षेत्र के कामगार और मज़दूर आते हैं.

हड़ताल के कारण सरकारी दफ़्तर, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें सभी कुछ के बंद रहने की आशंका है. हवाई जहाज़, रेल, बस और टैक्सी कुछ भी नहीं चलेंगे.

पहली बार छोटे कारोबारी और दुकानदार भी इस हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं.

सरकारी कर्मचारियों की यूनियन एडेडी के प्रमुख कॉस्टास सीक्रीकास का कहना है, ''हम लोग सरकार और राजनीतिक व्यवस्था को एक ज़ोरदार संदेश देना चाहते हैं. हमें विश्वास है कि भारी संख्या में लोग हड़ताल में भाग लेंगे.''

सरकार के ख़र्च कटौती के फ़ैसलों के विरोध में हड़ताली कर्मचारी राजधानी एथेंस में संसद के सामने जमा होने की योजना बना रहे हैं.

इसी तरह जून में संसद के सामने विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं थीं.

बिल पर मतदान

बुधवार और गुरुवार को संसद में दो बिलों पर मतदान होना है जिनमें वेतन और सरकारी कर्मचारियों की पेंशन में कटौती, कर में बढ़ोत्तरी और सामूहिक श्रम समझौते को रद्द करने का प्रावधान है.

ग्रीस के प्रधानमंत्री जॉर्ज पॉपेन्द्रू की पसोक पार्टी को संसद में चार सीटों का बहुमत है लेकिन उनके ही कुछ सहयोगियों ने इस बिल के विरोध में मतदान करने की धमकी दी है.

मंगलवार की देर रात प्रधानमंत्री ने अपने सांसदों से बिल का समर्थन करने की अपील की.

ग्रीस में बढ़ती बेरोज़गारी और ख़राब अर्थव्यवस्था के कारण सरकारी क़र्ज़ सकल घरेलू उत्पाद का 162 फ़ीसदी हो गया है.

यूरोपीय यूनियन और आईएमएफ़ ने दो बार आर्थिक पैकेज की घोषण की लेकिन दूसरे पैकेज पर अभी अंतिम फ़ैसला नहीं हो सका है.

इस बात का भी डर है कि ग्रीस की आर्थिक समस्या का असर स्पेन और इटली जैसे यूरोज़ोन के दूसरे देशों पर भी हो सकता है.

इस समस्या से निपटने के लिए यूरोपीय संघ के नेता इस सप्ताह के अंत में एक बैठक कर रहे हैं.

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