लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी 'पकड़े गए'

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Image caption कर्नल ग़द्दाफ़ी ने साल 1969 में लीबिया की सत्ता अपने हाथों में ली थी.

राष्ट्रीय अंतरिम परिषद के कमांडरों का कहना है कि सिर्त पर क़ब्ज़ा पाने की लड़ाई के दौरान उन्होंने कर्नल गद्दाफ़ी को पकड़ लिया है.

इन ख़बरों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

कर्नल गद्दाफ़ी लगभग 41 साल तक लीबिया के राष्ट्रपति रहे और हाल ही में विरोधियों द्वारा सत्ता से बेदख़ल किए जाने के बाद उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

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उनके ख़िलाफ़ फ़रवरी में जनांदोलन शुरु हुआ था जो धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया और आंदोलनकारियों को पश्चिमी देशों भी ख़ासी मदद मिली थी.

सिर्त पर कब्ज़ा

गद्दाफ़ी की गिरफ़्तारी की ख़बर तब आई जब अंतरिम परिषद ने दावा किया कि गद्दाफ़ी के जन्म-स्थान सिर्त पर उन्होंने क़ब्ज़ा कर लिया है.

कर्नल ग़द्दाफ़ी ने साल 1969 से हाल तक लीबिया में सत्ता में रहे थे.

अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत भी गद्दाफ़ी की ग़िरफ़्तारी के लिए अपना बयान दे चुका है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ अंतरिम सरकार के लड़ाकुओं ने गद्दाफ़ी के गढ़ सिर्त पर पूरी तरह से क़ब्ज़ा कर लिया है.

ख़बरों के मुताबिक़ आख़िरी लड़ाई बृहस्पतिवार की सुबह करीब 90 मिनट तक चली.

सरकारी लड़ाकूओं और गद्दाफ़ी समर्थकों के बीच सिर्त में पिछले कई सप्ताहों से संघर्ष चल रहा था. लेकिन कुछ गद्दाफ़ी समर्थक दक्षिणी पूर्वी शहर बनी वालिद में अब भी हथियार डालने को तैयार नहीं हैं.

'स्वतंत्रता की घोषणा'

गद्दाफ़ी का गढ़ सिर्त लीबिया की राजधानी त्रिपोली के पूर्व की ओर 360 किलोमीटर की दूरी पर है.

राष्ट्रीय अंतरिम परिषद (एनटीसी) के सैनिकों को सिर्त में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा था.

लेकिन बृहस्पतिवार को अंतरिम सरकार के एक प्रतिनिधि ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, “सिर्त को स्वतंत्र करवा लिया गया है.”

करनल युनुस एल अब्दाली ने कहा, “अब यहां कोई गद्दाफ़ी समर्थक नहीं बचा है. अब हम उन लड़ाकुओं को खोज रहे हैं जो भागने की कोशिश कर रहे हैं.”

हालांकि सिर्त में मौजूद बीबीसी संवाददाता गैबरियल गेटहाउस का कहना है कि अभी वो इस ख़बर की पुष्टि नहीं कर सकते.

अगर इस ख़बर की पुष्टि हो जाती है, तो कर्नल गद्दाफ़ी के तख़्ता पलट के लिए जारी संघर्ष में ये एक अहम पड़ाव हो सकता है.

बृहस्पतिवार को कम से कम 16 गद्दाफ़ी समर्थक लड़ाकुओं को क़ब्ज़े में लिया गया है और युद्ध सामग्री और हथियारों से भरे कई ट्रक भी क़ब्ज़े में लिए जा चुके हैं.

एनटीसी का कहना है कि वो लीबिया को स्वतंत्र घोषित करेंगें. उनका प्रतिनिधियों का कहना है कि वो एक महीने के भीतर सरकार का गठन करेंगें और वर्तमान प्रशासन के लोगों को इस्तीफ़ा देना होगा.

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