अफ़ग़ानिस्तान पहुँचीं हिलेरी क्लिंटन

Image caption बिना किसी घोषणा के अफ़ग़ानिस्तान पहुँची हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति हामिद करज़ई और अन्य नेताओं से मुलाक़ात करेंगी

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन अफ़ग़ानिस्तान पहुँच गई हैं.

बिना किसी घोषणा के अफ़ग़ानिस्तान पहुँची हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति हामिद करज़ई के साथ ही अन्य अफ़ग़ान और नागरिक नेताओं से मुलाक़ात करेंगी.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि हिलेरी क्लिंटन अफ़ग़ानिस्तान सरकार से तालिबान के साथ मेल मिलाप और पाकिस्तान के साथ आतंकवाद विरोधी कार्रवाई जारी रखने के लिए कहेंगी.

वह अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान के बीच दीर्घकालिक सामरिक साझेदारी पर भी विचार विमर्श करेंगी.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि हिलेरी अफ़ग़ानिस्तान को बताना चाहती हैं कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान के साथ दीर्घकालिक संबधों के लिए कटिबद्ध है.

अमरीका की योजना अफ़ग़ानिस्तान में तैनात सैनिकों को वापस बुला कर सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अफ़ग़ान सैनिकों को सौपने की है.

उनके साथ अफ़ग़ानिस्तान दौरे पर आए एक अमरीकी अधिकारी ने बताया कि वह ये संकेत देना चाहती हैं कि अमरीका सुरक्षित और स्थायित्व वाले अफ़ग़ानिस्तान के पक्ष में हैं और वह पूर्व राष्ट्रपति रब्बानी की हत्या के बाद करज़ई सरकार के लिए वार्ता की प्रकिया में आने वाली दिक्कतों को समझती हैं.

रब्बानी, करज़ई सरकार की तालिबान से हो रही वार्ता में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे.

रब्बानी की हत्या के बाद करज़ई का सुझाव था कि पाकिस्तान तालिबान से बातचीत की बेहतर स्थिति में है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि करज़ई के साथ होने वाली बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के आपसी संबधों पर भी बात-चीत होगी.

अफ़ग़ानिस्तान में हुए कई बड़े हमलों के लिए हक़्क़ानी नेटवर्क को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

हक़्क़ानी गुट को मुख्यत अफ़गान चरमपंथी संगठन माना जाता है लेकिन इसकी जड़ें पाकिस्तान से भी जुड़ी हैं और कयास लगाए जाते रहे हैं कि पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र के भीतर तक इनकी पहुंच है.

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