क्यों इतना अहम था सिर्त

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लीबिया के सिर्त शहर का काफ़ी महत्व रहा है. ये कर्नल गद्दाफ़ी का जन्मस्थान है.इसकी भूगौलिक स्थिति समझी जाए तो ये राजधानी त्रिपोली और पूर्वी शहर बेनगाज़ी के बीच पड़ता है.

कर्नल गद्दाफ़ी का जन्म सिर्त के पास एक टेंट में हुआ था. उनके माता-पिता ने गद्दाफ़ी को सिर्त में पढ़ाई के लिए भेजा. 1969 में सत्ता में आने के बाद कर्नल गद्दाफ़ी ने सिर्त पर काफ़ी ध्यान दिया.

जिन चार दशकों में वो सत्ता में रहे उन्होंने सिर्त में मूल भूत ढाँचे को सुधारा, विश्वविद्यालय बनवाया और बड़ी बड़ी इमारतें खड़ी कीं.

कभी ये सिर्फ़ एक छोटा-मोटा गाँव समझा जाता था जहाँ मछुआरे रहते थे. सिर्त में पहले न तो कोई उद्योग था, न ही वहाँ कोई ख़ास खेती बाड़ी होती थी.

सिर्त से लगाव

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लेकिन बाद में गद्दाफ़ी ने इसे काफ़ी बढ़ावा दिया और दूसरी राजधानी की तरह विकसित किया. सिर्त की जनसंख्या करीब एक लाख है.

विशेषज्ञों के मुताबिक कर्नल गद्दाफ़ी ने यहाँ के दो स्थानीय कबीलों को काफ़ी बढ़ावा दिया- उनका अपना क़द्दाफ़ा कबीला और दूसरा मागरीहा कबीला ताकि ज़रूरत पड़ने पर ये लोग उनकी बिनाह पर सिर्त का बचाव कर सकें.

गद्दाफ़ी ने सिर्त को एक मुख्य सैन्य अड्डा भी बनाया. यहाँ लीबियाई सेना का बड़ा अड्डा भी था. सिर्त से 16 किलोमीटर की दूरी पर गरदाबया हवाईअड्डा है जबकि हून सैन्य अड्डा सिर्त से रेल और हवाईमार्ग से जुड़ा हुआ है.

कर्नल गद्दाफ़ी ने सिर्त में एक निजी परिसर बनाया हुआ था.यहाँ का आलीशान सम्मेलन केंद्र भी काफ़ी मशहूर है जहाँ गद्दाफ़ी अन्य देशों से आने वाले राष्ट्र अध्यक्षों से मिलते थे.

अपने पसंदीदा मेहमानों को गद्दाफ़ी बीच के पास एक टेंट में रखते थे. गद्दाफ़ी कहा करते थे कि सिर्त को राजधानी बनाया जाए.

उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा था कि विदेश मंत्रालय को छोड़कर सभी मंत्रालय सिर्त में स्थानांतरित किए जाएँ. हालांकि नौकरशाह त्रिपोली में ही बने रहे.

1999 में सिर्त अफ़्रीकी संघ के जन्म का स्थान बना जहाँ सिर्त घोषणापत्र जारी हुआ था. कर्नल गद्दाफ़ी इसे एक अहम उपलब्धि बताते थे.

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