बंद करना पड़ा सेंट पॉल्स

  • 23 अक्तूबर 2011
सेंट पॉल्स गिरजाघर इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption शुक्रवार से बंद कैथेड्रल को हर दिन पर्यटन क्षेत्र से आने वाले 16,000 पाउंड का घाटा हो रहा है.

विरोध प्रदर्शनों के कारण लंदन का सेंट पॉल्स गिरिजाघर दूसरे विश्व युद्ध के बाद इस रविवार को पहली बार साप्ताहिक सभा के लिए बंद रहेगा.

सेंट पॉल्स गिरिजाघर के पास करीब तीन सौ प्रदर्शनकारी पूंजीवाद विरोधी प्रदर्शन कर रहे है और नारे लगा रहे है.

इन सभी लोगों ने गिरिजाघर परिसर में अस्थाई रूप से शरण ली हुई है जिस वजह से इस इलाकें में काफी गंदगी फैल गई है. पुलिस ने भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.

अधिकारियों ने साफ़-सफ़ाई और सुरक्षा मामलों पर चिंता जताते हुए कहा था कि जब तक प्रदर्शकारी गिरिजाघर परिसर से नही हट जाते तब तक वहाँ ख़तरा हो सकता है. इसी चेतावनी के बाद शुक्रवार को ही गिरिजाघर बंद कर दिया गया था.

रविवार के दिन सेंट पॉल्स गिरिजाघर में विशेष प्रार्थना सभा होती है. लेकिन इस रविवार को आम लोग इस सभा में भाग नही ले पाएंगे. हालाकि, चर्च के पादरी असार्वजनिक तौर पर प्रार्थना की रस्म पूरी करेंगे.

पूंजीवाद और असमानता के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे ‘ओक्यूपाई एलएसएक्स (लंदल स्टॉक एक्सचेंज पर कब्ज़ा करो)’ के कई सदस्यों ने लंदन के फिंसबरी स्कवेयर पर दूसरा कैंप लगाया है. गिरिजाघर में प्रदर्शन कर रहे कई लोग फिंसबरी स्कवेयर जा रहे है पर अधिकांश लोग अभी तक चर्च परिसर में ही जमें है.

सेंट पॉल्स गिरिजाघर के मुख्य पादरी ग्रीम नोल्स ने प्रदर्शनकारियों से कैथेड्रल परिसर से चले जाने की गुज़ारिश भी की लेकिन लोगों ने वहाँ से हटने से इंकार कर दिया.

लंदन के इस गिरिजाघर के बंद होने के कारण इसे पर्यटन क्षेत्र से हर रोज़ मिलने वाले 16,000 पाउंड का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

चर्च के एक दूसरे पादरी जाइल्स फ्रेसर ने कहा कि वह शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करते है लेकिन चर्च में आने वाले लोगों को रोकना और वापस भेज देना ग़लत है.

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