तुर्की के भीषण भूकंप में 138 लोगों की मौत

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Image caption भूकंप में बड़ी तादाद में लोग हताहत हुए हैं

एक ज़बरदस्त भूकंप से तुर्की के पूर्वी शहर वान में इमारतें ढह गई हैं, जिससे कम से कम 138 लोगों की मौत हो गई है और बड़ी तादाद में लोग मलबे में दबे हैं.

हताहतों की संख्या ख़ास तौर पर ईरानी सीमा से लगे प्रांत एरसिस में ज़्यादा बताई जा रही है क्योंकि वहाँ इस भूकंप की वजह से दर्जनों इमारतें गिर गईं.

ख़बरों के मुताबिक़ हज़ारों लोग सड़कों पर चिल्लाते हुए भाग रहे थे.

मारे जाने वालों की संख्या सैकड़ों तक होने की आशंका व्यक्त की जा रही है जबकि राहतकर्मी दबे हुए लोगों को बचाने की कोशिश में रात भर लगे रहे हैं.

कई लोग फ़ावड़ों से या कुछ तो ख़ाली हाथ से ही मलबे को खोदकर दबे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

इससे पहले 1999 में आए दो ज़बरदस्त भूकंपों ने 20 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान ले ली थी.

अमरीकी भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार ये भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजकर 41 मिनट पर आया और इसका केंद्र ज़मीन से 20 किलोमीटर नीचे वान शहर से 16 किलोमीटर पूर्वोत्तर में था.

इस भूकंप के बाद 5.6 और 6.0 की तीव्रता के दो और भूकंप रविवार को आए.

प्रधानमंत्री का दौरा

प्रधानमंत्री रेसेप तैयब एरदोगान ने वान क्षेत्र का दौरा किया है. उन्होंने बताया कि 138 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें से 93 वान और 45 एरसिस शहर में हैं.

उन्होंने कहा कि क़रीब साढ़े तीन सौ लोग अभी घायल हैं मगर अन्य अधिकारियों के अनुसार घायलों की संख्या और ज़्यादा हो सकती है.

एरसिस शहर में लगभग 80 इमारतें ध्वस्त हो गईं. शहर के मेयर ज़ुल्फ़िकार अरपोगलू ने सहायता की अपील की है, "हमें तुरंत मदद की ज़रूरत है, हमें डॉक्टरों की ज़रूरत है."

रॉयटर समाचार एजेंसी के एक फ़ोटोग्राफ़र के अनुसार एंबुलेंस, सैनिक और बचाव दल शहर के लिए रवाना किए गए हैं.

इस भूकंप में बच गए लोग भारी मशीनों की कमी बता रहे हैं जो सीमेंट के बड़े-बड़े टुकड़े हटाकर लोगों को बचाने की कोशिश कर सकें.

एरसिस के नज़दीक़ ही सेलेबिबाग़ डिस्ट्रिक्ट में भी बड़ी तादाद में लोगों के मारे जाने की आशंका है.

मदद की ज़रूरत

मेयर वैसेल कैसर ने कहा, "कई लोग मलबे के नीचे दबे हैं. लोग कष्ट में हैं और हम उनकी मदद की गुहार सुन सकते हैं, हमें तुरंत मदद की ज़रूरत है."

तुर्की के भूकंप के संस्थान के प्रमुख ने सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है.

कांदिली ऑब्ज़र्वेटरी के मुस्तफ़ा एरदिक ने कहा, "हमें लगता है कि लगभग एक हज़ार इमारतों को नुक़सान पहुँचा है और इसलिए लगता है कि 500 से 1000 लोग इस दुर्घटना का शिकार हुए होंगे."

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Image caption राहत और बचावकर्मी रात भर लोगों को मलबे से निकालने की कोशिश में लगे रहे

प्रधानमंत्री रेसेप तैयब एरदोगान रविवार शाम वान पहुँच गए और उन्होंने नुक़सान का जायज़ा लिया है.

रात होते है वान और एरसिस के लोगों ने अलाव जलाए और रात बाहर खुले में ही गुज़ारी. बचावकर्मी टॉर्च की रोशनी में ही लोगों को बचाने की कोशिश में लगे रहे.

रात में तापमान के शून्य तक पहुँचने की आशंका भी रही. इस भूकंप की वजह से बिजली और टेलीफ़ोन लाइनें ठप हो गई हैं.

तुर्की रेड क्रीसेंट के हाक्की एर्सकॉय का कहना था कि तुर्की के पूर्व और उत्तर से बचाव दल भूकंप प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना किए गए हैं.

उन्होंने कहा कि लोगों के लिए शिविर बनाए जा रहे हैं जहाँ उन्हें कंबल, खाना और पानी मुहैया कराया जा सके.

राहत और बचाव कार्य में सैनिक विमानों की मदद ली गई है.

मगर तुर्की ने विदेशी सहायता की सभी पेशकश को ठुकरा दिया है.

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