भारत: 'पोलियो को जड़ से मिटाने के क़रीब'

india polio इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption भारत में दशकों से पोलियो उन्मूलन के लिए टीकाकरण अभियान जारी है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि भारत पोलियो मुक्त होने के अपने लक्ष्य के बहुत क़रीब है.

विश्व पोलियो दिवस के अवसर पर ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा भारत पोलियो उन्मूलन के अपने लक्ष्य के इतना क़रीब पहले कभी नहीं पहुंचा था जितना कि अब है.

अधिकारियों के मुताबिक़ पिछले नौ महीनों में पोलियो का कोई नया मामला नहीं दर्ज किया गया है. कहा जा रहा है कि पोलियो को ख़त्म करने के लिए शुरू किए गए अभियान के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब इतने लंबे समय तक इस बीमारी से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है.

इस साल का इकलौता मामला जनवरी माह में पश्चिम बंगाल में सामने आया. साल 2010 में इसी अवधि के दौरान 39 मामले दर्ज किए गए थे.

भारत दुनियां के उन चार देशों में से एक है जहां अभी भी पोलियो के मामले पाए जाते हैं.

ये वायरस अफग़ानिस्तान, पाकिस्तान और नाइजीरिया में भी पाया जाता है.

ग़ुलाम नबी आज़ाद ने सोमवार को कहा, "हम अपने लक्ष्य के काफी क़रीब हैं, लेकिन फिर भी कोई जोखिम नहीं ले रहे हैं."

उन्होंने कहा, "पोलियो के किसी भी अवशिष्ट वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में जारी प्रयासों को और तेज़ किया जाएगा."

अधिकारी कह रहे हैं कि पोलियो के किसी भी नए मामले को एक स्वास्थ्य आपात स्थिति के रूप में देखा और निपटा जाएगा.

दशकों की लडा़ई

ग्रसित लोगों को पूरी तरह से अपाहिज कर देनेवाले इस रोग से निपटने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और गैर सरकारी संगठनों ने पिछले कई दशकों से बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम चला रखा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि उत्तर प्रदेश से पिछले 18 महीनों में किसी नए मामले की सूचना नहीं मिली है. बिहार में भी पिछले 13 माह में कोई मामला सामने नहीं आया है.

विश्लेषकों का कहना है कि ये उत्साहजनक संकेत हैं.

उत्तर प्रदेश दुनिया में सबसे पोलियो ग्रसित क्षेत्रों में से एक रहा है. जहां कुछ साल पहले तक हर वर्ष सैकड़ों बच्चे इसकी चपेट में आते थे.

वर्ष 2008 में भारत में दर्ज किए गए 549 मामलों में से 297 उत्तर प्रदेश से ही थे.

संबंधित समाचार