भूकंप में मरने वालों की संख्या 450 पहुंची, तुर्की विदेशी मदद के लिए तैयार

  • 26 अक्तूबर 2011
तुर्की भूकंप(बचावकार्य जारी) इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption भूकंप प्रभावित तुर्की में बचाव और राहत कार्य ज़ोरों पर है

तुर्की में आए भयंकर भूकंप में मरने वालों की तादाद 450 पहुंच गई है.

इस बीच तुर्की ने कहा है कि वो भूकंप प्रभावित लोगों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता को स्वीकार करेगा.

इससे पहले तुर्की कह रहा था कि वो भूकंप से होने वाले असर से ख़ुद ही निपटने में सक्षम है.

इसराइल समेत कई देशों ने तुर्की की मदद करने की पेशकश की है. इसराइल और तुर्की के बीच संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं फिर भी इसराइल ने मदद की पेशकश की है.

इस समय तुर्की में पहले से तैयार किए गए घरों की बहुत कमी है जो कि भूकंप प्रभावित पूर्वी क्षेत्रों के लिए बहुत अहम हैं जहां हज़ारों लोगों के पास सर छिपाने की कोई जगह नहीं है.

इस बीच मंगलवार को पूर्वी शहर वैन में एक दफ़ा फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए.

जेल में हिंसा

रिक्टर स्केल पर 5.4 तीव्रता वाले झटके एक जेल में बंद क़ैदियों ने भी महसूस किए और इससे घबराकर उन क़ैदियों ने जेल से बाहर निकलने की कोशिश की.

लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने जेल को चारों तरफ़ से घेर लिया और क़ैदियों को बाहर नहीं निकलने दिया. इसके बाद क़ैदी भी हिंसक हो गए.

ख़बरों के मुताबिक़ क़ैदियों ने जेल को आग लगा दी और सुरक्षाकर्मियों के साथ लड़ाई करने लगे.

रविवार को इसी जेल से कई क़ैदी भाग गए थे.

ख़बर सुनकर क़ैदियों के रिश्तेदार भी जेल के बाहर जमा हो गए.

जेल के बाहर पत्रकारों से बातचीच करते हुए कुर्द समर्थित एक सांसद आएसेल तुग़लक ने कहा, ''जो हमलोगों ने सुना है उसके मुताबिक़ क़ैदियों ने भूकंप के झटके के बाद कुछ खुली हुई जगह की मांग की जहां वे सांस ले सकें. लेकिन जब उन्हें इजाज़त नही मिली तब उन्होंने भी तोड़ फोड़ शूरू कर दी. जेल में आग लग गई. लेकिन हमलोगों ने गोलीबारी की आवाज़ अपने कानों से सुनी और ख़बरों के अनुसार पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़े.''

राहतकार्य जारी

इस बीच भूकंप प्रभावित इलाक़े में राहतकार्य ज़ोरों पर है.

एक अद्भुत घटना में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों को बचा लिया गया.

सिर्फ़ दो महीने की एक बच्ची, उसकी मां और उसकी दादी को एरकिस शहर में मलबे के नीचे से सही सलामत निकाल लिया गया.

हालाकि अब तक लापता लोगों के बचने की उम्मीदें कम होती जा रहीं हैं और तुर्की अधिकारी चेतावनी दे रहें हैं कि कुल मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है.

भूकंप में बचे लोग और विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने राहत कार्यों को ठीक तरह से नही करने के लिए सरकार की आलोचना की है.

तुर्की की भौगोलिक स्थिति के कारण वहां भूकंप आने का ख़तरा हमेशा बना रहता है.

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