यूरोज़ोन को चीन से उम्मीद

  • 28 अक्तूबर 2011
क्लॉस रेगलिंग
Image caption यूरोज़ोन बेलआउट फ़ंड के प्रमुख क्लॉस रेगलिंग का कहना है कि फ़िलहाल चीन के साथ कोई समझौता नहीं होगा.

यूरोज़ोन को कर्ज़ संकट से बचाने के लिए बने कोष (यूरोजोन बेलआउट फंड) के सदस्य कोशिश कर रहे हैं कि चीन इस कोष निवेश करे ताकि यूरोज़ोन को ऋण संकट से उबारा जा सके.

इस काम के लिए फ़ंड के प्रमुख क्लॉस रेगलिंग बीजिंग में हैं.

चीनी नेताओं से मिलने के बाद रेगलिंग ने पत्रकार सम्मेलन में बताया कि कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है और फ़िलहाल कोई समझौता नहीं होगा.

माना जा रहा है कि चीन फ़ंड के लिए लगभग सौ अरब डॉलर दे सकता है. उम्मीद की जा रही है कि आगे ये निवेश लगभग डेढ़ खरब डॉलर तक बढ़े.

लेकिन चीन ने साफ़ कर दिया है कि वो अपने किसी भी निवेश की सुरक्षा के लिए गारंटी की मांग करेगा.

नियमित खरीदार

यूरोपियन फ़ाइनेंशियल स्टेबलिटी फ़ेसिलिटी ( इएफ़एसएफ़) के मुख्य कार्यकारी क्लॉस रेगलिंग का कहना है कि वो इस बातचीत में चीन को एक संभावित निवेशक के तौर पर नहीं देख रहे बल्कि ये विचार-विमर्श पैसे के इंतज़ाम की शर्तों को तय करने के लिए है.

रेगलिंग का कहना था कि पूर्व में चीन इएफ़एसएफ़ बॉन्ड का नियमित खरीदार रहा है.

रेगलिंग ने कहा कि वो चीन को यूरोज़ोन फ़ंड के बॉन्ड संभावित व्यवसायिक निवेश के तौर पर पेश करेंगे. उनका कहना था कि चीन को नियमित रूप से अपने मुनाफ़े को सुरक्षित तरीके से निवेश करने की ज़रूरत रही है.

उन्होंने कहा, " मैं आशावादी हूं कि हमारे बीच दीर्घकालिक रिश्ता बनेगा."

उधर विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट ज़ोलिक ने कहा है कि उनका मानना है कि चीन तभी यूरोप में निवेश करेगा जब उसे इससे फ़ायदा हो.

ज़ोलिक ने बीबीसी को बताया, "मुझे नहीं लगता चीन महज़ यूरोप की मदद करने के लिए पैसा देगा."

लेकिन निवेशक जिम रोजर्स मानते हैं कि चीन सहायता के लिए तैयार है.

ईएफ़एसफ़ बेलआउट फ़ंड की रूपरेखा नवम्बर तक तैयार हो जाएगी.

माना जा रहा है कि यूरोज़ोन की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, जरमनी, इस फ़ंड के लिए सबसे ज़्यादा पैसा देगा.

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