साल 2013 तक पोलियो ख़त्म करने का संकल्प

  • 29 अक्तूबर 2011
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Image caption पोलियो एक ऐसी बीमारी है जिससे पीड़ित अपंग हो जाता है

ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में हो रही राष्ट्रमंडल देशों की बैठक में नेताओं ने दुनिया भर से पोलियो को ख़त्म करने के लिए अपने प्रयासों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है.

ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने पोलियो से लड़ने के लिए अतिरिक्त पाँच करोड़ डालर ख़र्च करने की बात कही है.

दुनिया भर के केवल चार देश ऐसे है जिसमें अभी भी पोलियो एक गंभीर समस्या बना हुई है.

इन देशों में भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और अफ़ग़ानिस्तान शामिल हैं.

पोलियो एक ऐसी बीमारी है जिससे पीड़ित अपंग हो जाता है.

ऑस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने कहा, "इस सहायता राशि से सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे. इससे टीका खरीदने, निगरानी गतिविधियां चलाने में मदद मिलेगी और ये जिंदगी बचाने के लिए एक निवेश होगा."

प्रयास

पोलियो को 99 फीसदी तक ख़त्म किया जा चुका है और अब ये देश मिलकर इसे पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प कर रहे हैं.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा,"आज 80 लाख लोग ऐसे है जो पोलियो टीके की वज़ह से चल पा रहे हैं नहीं तो ये अपंग हो जाते, लेकिन इस प्रगति से काम ख़त्म नहीं होता और इस बीमारी के एक भी जीवाणु को छोड़ देना ठीक नहीं होगा."

जिन देशों में पोलियो है वहाँ ऐसे मामले तो कम हैं लेकिन ये बीमारी संक्रामक होती है और दोबारा आ सकती है.

दुनिया भर में पोलियो को ख़त्म करने का अभियान 1988 से चल रहा है.

संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियां पहले से ही इस बीमारी को ख़त्म करने का अभियान छेड़े हुए हैं और अब राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं ने भी साल 2013 तक पोलियो को जड़ से ख़त्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

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