जापानी सांसद ने पीया फुकुशिमा का पानी

यासुहिरो सोनोडा
Image caption जापान में आए भूकंप और सुनामी के बाद फुकुशिमा में परमाणु रिसाव का संकट पैदा हुआ था.

जापान के एक सांसद को भूकंप प्रभावित फुकुशिमा डाईची परमाणु संयंत्र के पास से इक्ठ्ठा किया गया पानी पीना पड़ा है.

पत्रकारों ने उन्हे फुकुशिमा इलाके के पानी को सुरक्षित साबित करने की चुनौती दी थी.

टीवी पर प्रदर्शित संवाददाता सम्मेलन के दौरान पानी पीते समय अधिकारी यासुहिरो सोनोडा के चेहरे पर घबराहट साफ़ देखी जा सकती थी.

यासुहिरो सोनोडा ने जो पानी पीया वह दो परमाणु संयंत्रो के पास स्थित पोख़रों से इक्ठ्ठा किया गया था.

संयंत्रो में इस्तेमाल करने से पहले इन पोख़रों के पानी का शुध्दिकरण किया जाता है.

लेकिन शुध्दिकरण की इस प्रक्रिया पर पत्रकार लगातार सवाल उठाते रहे है.

जापान के कैबिनेट कार्यालय में संसदीय प्रवक्ता के तौर पर नियुक्त यासुहिरो सोनोडा ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "शुध्दिकृत पानी को पीने से यह साबित नही होगा कि यह सुरक्षित है. जनता को आंकड़े दिखाना ही सबसे अच्छा उपाय है."

सुनामी

जापान में इस साल 11 मार्च को आए भूकंप और फिर सुनामी के बाद पत्रकारों को पहली बार 12 नवंबर को फुकुशिमा डाईची परमाणु संयंत्र के पास जाने दिया जाएगा.

मार्च में आए सुनामी से इस परमाणु संयंत्र को भारी क्षति पहुंची थी.

भूकंप के बाद फुकुशिमा संयंत्र के 20 किलोमीटर की पारिधि में आने वाले इलाकों को खाली करने का आदेश दिया गया था जो कि अभी तक लागू है. हज़ारो लोगो को अपना घर छोड़ना पड़ा था.

जापान की सरकार का लक्ष्य फुकुशिमा संयंत्र को इस साल के अंत तक बंद कर देने का है.

हालांकि, परमाणु विशेषज्ञों की समिति का मानना है कि इस संयंत्र को पूरी तरह से बंद करने के लिए 30 साल तक का समय लग सकता है.

सुनामी से जापान के कई इलाकों में जान और माल का भारी नुकसान हुआ था, हज़ारो लोग मारे गए थे जबकि सैकड़ो बेघर हो गए थे.

सरकार को इस आपदा से जूझने के लिए भारी मशक्कत करना पड़ा. जापान के एक प्रधानमंत्री इस आपदा के बाद की स्थिति को संभालने के तरीक़े को लेकर इस्तीफा भी दे चुके है.

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