पक्षी भी दूर की सोचते हैं

Image caption पक्षी भविष्य के लिए खाद्य सामग्री का भंडार बनाते हैं.

यूरेशियन जे नाम के पक्षियों के साथ किए गए प्रयोगों से पता चला है कि पक्षी भविष्य के लिए खाद्य सामग्री का भंडार बनाते हैं.

अध्ययन में पता चला है कि पक्षी उस खाद्य सामग्री को ज़्यादा बचाते हैं, जिनके बारे में उन्हें मालूम होता है कि वो आने वाले दिनों में उपलब्ध नहीं होंगें.

यूरेशियन जे पहले ऐसे पक्षी नही हैं जो कि भविष्य के लिए खाद्य सामग्री का भंडार बनाते हैं. लेकिन पहले दूसरे पक्षियों के बारे में किए गए दावों को लेकर विवाद होता रहा है.

ये जानने के लिए कि यूरेशियन जे भविष्य के बारे में क्या सोचते हैं, वैज्ञानिकों ने इन पक्षियों की उस आदत को परखा जिसमें वो खाद्य सामग्री को छिपा कर रख देते हैं.

पहले भी इसी तरह के अध्ययन में सामने आया था कि जब पक्षियों को एक ही तरह का खाना लगातार दिया जाता है तो वे उससे ऊब जाते हैं और फिर उसे खाने के बजाय अपने भंडार में छिपाना शुरू कर देते हैं.

इससे ये निष्कर्ष निकाला गया था कि पक्षियों को मालूम होता है कि उन्हें भविष्य में किस खाद्य सामग्री की ज़रूरत पड़ सकती है, और वे उसका भंडार बनाना शुरू कर देते हैं.

प्रयोग

नए प्रयोग में वैज्ञानिकों ने अलग तरीका चुना. पहले दिन यूरेशियन जे पक्षियों को खाना छिपाने के लिए दो अलग-अलग रंग के डब्बे दिए गए.

मूंगफ़ली और मुनक्कों में से पक्षियों को कुछ भी चुन कर इन डिब्बों में डालना था और उस प्रक्रिया पर वैज्ञानिकों ने नज़र रखी.

अगले दिन वैज्ञानिकों ने पक्षियों को खाने के लिए केवल मुनक्के ही दिए और भंडार बनाने के लिए एक ही डिब्बा दिया.

तीसरे दिन पक्षियों को ढेर सारी मूंगफ़लियां दी और उसके थोड़ी देरे बाद उन्हें डिब्बा दिया.

वैज्ञानिकों ने पाया कि पक्षी अपने भंडार में रखी मूंगफलियों से ऊब चुके थे, लेकिन मूंगफ़लियों को नज़रअंदाज़ करने के बजाय ये पक्षी भविष्य की योजना बना रहे थे.

उन्होंने मुनक्कों को उस डिब्बे में रखा जिसे उनके सामने तब रखा गया था जब उन्हें ढेर सारी मूगफ़लियां दी गई थीं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर आम व्यक्ति को ये मालूम हो कि लंच से पहले उसे मिठाई मिलने वाली है, तो वो अपने लंच बॉक्स में केवल सैंडविच ही रखेंगें.

यानी पक्षी भविष्य के लिए कोष बनाने के साथ साथ स्वाद को भी काफ़ी महत्व देते हैं.

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