अफ़गानिस्तान में आत्मघाती हमला

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Image caption वर्ष 2014 तक नेटो सेनाओं ने अफ़गानिस्तान छोड़ वापस आने का ऐलान किया है

अफ़ग़ान अधिकारियों के मुताबिक़ चरमपंथियों ने पश्चिमी प्रांत के हेरात शहर में एक आत्मघाती हमला किया है.

ये हमला शहर के हवाई अड्डे के पास एक निजी कंपनी के परिसर में बम धमाके से शुरू हुआ जिसमें कम से दो सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और चार अन्य के घायल होने की ख़बरें हैं.

ये निजी कंपनी अमरीका के नेतृत्व में इस इलाक़े में काम कर रही अंतरराष्ट्रीय सेना को सुरक्षा मामलों में मदद मुहैया कराती है.

ताज़ा जानकारी के मुताबिक़ सुरक्षा बल अब भी चरमपंथियों के साथ संघर्ष कर रहे हैं.

एक अफ़ग़ान अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक हमलावर अपने बम को उड़ाने में क़ामयाब हुआ जबकि दो अन्य हमलावरों के परिसर में छुपे होने की आशंका है.

इलाके को जाने वाली सभी सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं हैं और घटनास्थल के नज़दीक हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए गए हैं.

चरमपंथ की चुनौती

ग़ौरतलब है कि वर्ष 2014 तक नेटो सेनाएं अफ़गानिस्तान छोड़ वापस आ जाएंगी.

इसी वर्ष जुलाई में नेटो सेनाओं ने हेरात शहर की ज़िम्मेदारी अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को दी थी.

बुधवार को तुर्की में हुए एक सम्मेलन में अफ़गान राष्ट्रपति अहमद करज़ई ने कहा था कि 'आतंकवादी संगठनों' पर क्षेत्रीय सहयोग के बिना उनके देश में शांति बहाल नहीं हो पाएगी.

राजधानी इस्तानबुल में हो रहे इस सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान समेत 27 देशों ने हिस्सा लिया.

सम्मेलन में अफ़गानिस्तान की सुरक्षा और विकास पर चर्चा हुई.

सम्मेलन से कुछ ही दिन पहले अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में नेटो सेना के वाहन पर हुए तालिबान के एक आत्मघाती हमले में 13 अमरीकी सैनिकों सहित 17 लोगों की मौत हो गई थी.

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