इतिहास के पन्नों में 4 नवंबर

इतिहास के पन्नों को पलटें, तो पाएंगें कि 4 नवंबर के दिन जहां 2008 में बराक ओबामा अमरीका के पहले काले राष्ट्रपति बने, वहीं 1995 में इसराइल के प्रधानमंत्री यित्ज़ाक राबिन की हत्या कर दी गई थी.

2008: बराक ओबामा अमरीका के पहले काले राष्टपति चुने गए

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Image caption उम्मीदवार जॉन मैक्केन ने इसे 'अमरीका के इतिहास में अश्वेत अमरीकियों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण क्षण' बताया था.

4 नवंबर, 2008 को बराक ओबामा को अमरीका के राष्टपति के रूप में चुना गया था. ओबामा अमरीकी इतिहास में पहले काले उम्मीदवार थे, जिन्हें राष्ट्रपति के पद के लिए भारी मत से चुना गया था.

डेमोक्रेटिक पार्टी के 47 वर्षीय ओबामा ने रिपब्लिकन पार्टी के जॉन मैक्केन को चुनावी दंगल में हराया था.

उनकी जीत के बाद दुनियाभर के नेताओं ने उनका स्वागत किया. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की जगह ली.

रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन ने इसे 'अमरीका के इतिहास में काले अमरीकियों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण क्षण' बताया था.

ओबामा ने ऐसे समय में अमरीका की बागडोर अपने हाथों में ली थी, जब अमरीका एक बड़े आर्थिक संकट के साथ साथ चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई की रणनीति बदलने पर विचार कर रहा था.

1995: इसराइल के प्रधानमंत्री की हत्या की गई

Image caption यित्ज़ाक रबिन ने मध्य-पूर्व शांति वार्ता में अहम भूमिका निभाई थी.

4 नवंबर, 1995 के दिन इसराइल के प्रधानमंत्री यित्ज़ाक राबिन की तेल अवीव में एक रैली के दौरान हत्या कर दी गई थी.

एक अज्ञात बंदूकधारी ने उनके पास आकर उनके पेट और छाती में गोलियां दाग दीं थीं, जिसके बाद उसे तुरंत ग़िरफ़्तार कर लिया गया था.

राबिन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई.

बंदूकधारी का नाम यिगाल आमिर था और वो पश्चिमी तट की एक अवैध यहूदी बस्ती से आया था.

दरअसल, जिस रैली को यित्ज़ाक राबिन संबोधित कर रहे थे, उसका मकसद फ़लस्तीनियों के साथ शांति स्थापित करना था.

हालांकि सुरक्षा इंतज़ाम कड़े थे लेकिन रैली से कुछ ही दूरी पर इस शांति संधि का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन करने की इजाज़त भी दी गई थी.

तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने इस हादसे के बाद कहा था यित्ज़ाक राबिन ने शांति स्थापित करने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी.

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